VIDEO: मौत ने बंद कर दिए जिंदगी के रास्ते

ढाणी कालेरा गांव में मंगलवार को दोपहर एक घर में आग लग गई, जिसके कारण एक ही परिवार के चार बच्चे जिन्दा जल गए। घटना के दौरान परिवार के लोग खेत गए हुए थे, बच्चे झोपड़े में खेल रहे थे। अचानक आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि पूरे झौपड़े को अपने आगोश में ले लिया।

By: Madhusudan Sharma

Updated: 18 Mar 2020, 10:29 AM IST

Churu, Churu, Rajasthan, India

सरदारशहर. ढाणी कालेरा गांव में मंगलवार को दोपहर एक घर में आग लग गई, जिसके कारण एक ही परिवार के चार बच्चे जिन्दा जल गए। घटना के दौरान परिवार के लोग खेत गए हुए थे, बच्चे झोपड़े में खेल रहे थे। अचानक आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि पूरे झौपड़े को अपने आगोश में ले लिया। आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि ऊपर लगी पट्टी टूट गई, ऊपर लगे लकड़े दरवाजे के आगे गिर गए। जिसके कारण झौपड़े का दरवाजा बंद हो गया। ऐसे में अन्दर खेल रहे बच्चों को बाहन निकलने का मौका नहीं मिल पाया। ऐसे में चारों बच्चों की मौत हो गई। इस दौरान एक बछड़ी निकल गई एक बछड़ा अन्दर रह गया जो कि जिन्दा जल गया। इधर, आग की लपटें देखकर ग्रामीण दौड़कर पहुंचे, जिसके हाथ में जो आया लेकर आग बुझाने में जुट गया, काफी प्रयासों के बाद में आग पर काबू किया। लेकिन तब तक झौपड़ा जलकर राख हो चुका था। अन्दर आग में घिरे हुए चोरों बच्चे जिंदा जल गए। हृदय विदारक घटना की सूचना पर कलक्टर संदेश नायक, एसपी तेजस्वी गौतम, उपखण्ड अधिकारी रीना छिंपा, तहसीलदार सुशील कुमार सैनी, विकास अधिकारी संतकुमार मीणा, अति.विकास अधिकारी दुर्गाराम पारीक, डीएसपी गिरधारीलाल शर्मा, थानाधिकारी महेन्द्रदत्त शर्मा, कांग्रेस नेता अनिल शर्मा, किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी, आरएलपी नेता बलदेव सारण मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली। पुलिस ने प्रशासन की उपस्थिति में गांव में ही चारों बच्चों को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौप दिया।

कुछ देर में भड़की आग
आग में नानूराम भाकर के दो बच्चे, रामलाल के एक लड़की व लालाराम की दोहिती जिन्दा जल गई। सूत्रों के अनुसार घर में बुजुर्ग दादी थी, घर से कुछ दूरी पर पशुओं के लिए छप्परा बना हुआ था। जिसमें एक बाछड़ी व एक बछड़ा बंधा हुआ था। झौपड़े में अजय, देवाराम पुत्र नानूराम, सिवानी पुत्री रामलाल व लालाराम की दोहिती खेल रहे थे, इस दौरान अचानक आग लग गई। अजय गांव के राउप्रावि में कक्षा 1 में पढ़ता था। वहीं तीन अन्य अजय के साथ स्कूल जाते थे। कलक्टर संदेश नायक ने पीडि़त परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने की बात कही।

द्वार पर गर न गिरी होती पट्टी,तो सूना न होता आंगन
ढाणी कालेरा गांव में मंगलवार को दोपहर बाद दिल दहला देने वाले हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की आग में झुलसने से मौत हो गई। पूरे मोहल्ले में कोहराम सा मच गया। शाम होते-होते इलाके में अजीबो-गरीब सन्नाटा सा पसर गया। रह-रह कर इस सन्नाटे को अगर कोई भंग कर रहा था, तो वह पीडि़त परिवार के सदस्यों की कलेजे को चीर देने वाला रूदन था। गांव में हर आंख नम थी। क्या बच्चे, क्या बड़े, सभी जैसे सकते में थे।

यूं रुकी जिंदगी की राह
ढाणी कालेरा में आसुुराम भाकर का परिवार रहता है। मंगलवार को दोपहर चारो बच्चे घर में पशुओं के लिए बने छप्पर में खेल रहे थे। उनकी बुजुर्ग दादी घर में बैठी थी। छप्परा घर से दूर बना हुआ था। अचानक छप्पर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देखकर ग्रामीण आग बुझाने के लिए दौड़े। जो हाथ में आया वह लेकर आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान छप्पर के ऊपर लगी पट्टी टूट कर द्वार पर गिर गई, जिसके कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया। बच्चे अन्दर चीख पुकार करते रहे। जब तक ग्रामीणों ने बाहर निकाला, तब तक बच्चे दम दौड़ चुके थे। सूचना मिलते ही मृतक बच्चों के परिजन घर पहुंचे तो हालात देख कर बेसुध हो गए। अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पीडि़त परिवार को शांत करने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

गांव में नहीं जले चूल्हे
एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत के कारण मंगलवार को शाम गांव में चूल्हे तक नहीं जले। गांव में अजीब सा सन्नाटा पसरा है। कुछ पूछने पर लोग नहीं, बल्कि उनकी नम आंखें जवाब दे रही हैं। नानूराम भाकर के अजय व देवाराम दो ही लड़के थे। दोनों ही बच्चे आगजनी के शिकार हो गए। बच्चों की जानकारी मिलते ही नानूराम की पत्नी बेसुध हो गई। वही नानूराम के अन्य भाई रामलाल की पुत्री शिवानी व लालचन्द की दोहिती मनीषा की भी मौत हो गई। कालू निवासी मनीषा कुछ समय से अपने ननीहाल ढाणी पांचेरा में रह रही है।

विधायक ने बंधाया ढांढस
विधायक भंवरलाल शर्मा भी हादसे से द्रवित दिखे। पीडि़त परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। भाजपा नेता शिवचन्द सहू ने ढांणी कालेरा में हुए हादसे पर दुख प्रकट करते हुए सरकार व प्रशासन से रिपोर्ट मंगवा कर मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रत्येक बच्चे के लिए पांच पांच लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की मांग की। आरएलपी नेता बलदेव सारण ने हादसे पर दुख प्रकट किया। उन्होंने सहायता राशि की घोषणा नहीं करने को पीडि़त परिवार के साथ अन्याय करार दिया।

आग लगने के कारणों का नहीं चला पता
जानकारी के मुताबिक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले को गंभीरता से जांच रही है। बताया जा रहा है कि जिस जगह झौंपड़ा बना हुआ है। वह उनके मकान से करीब तीस फीट की दूरी पर था। लेकिन होनी का कुछ और ही मंजूर थे।

मिलेंगे चार-चार लाख रुपए
जिंदा जले चार बच्चोंं के परिजनों को सरकार के नियमों के मुताबिक रुपए दिए जाएंगे। जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि प्रत्येक मृतक बच्चे के परिजनों का चार- चार लाख रुपए प्रदान किए जांएगे।

खेती का काम करता है परिवार
जानकारी के मुताबिक यह परिवार खेती का कार्य कर परिवार का पालन पोषण करता है। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बच्चों के जिंदा जलने से परिवार के सारे सपने चूर हो गए। नानूराम के दो बैठे थे। बुढापे में उनकी लाठी का सहारा बनने वाले थे लेकिन सारे सपने चूर हो गए। इस दिल दहलाने वाले घटना से क्षेत्र की हर आंख रो उठी।

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