पहले होती थी दो-तीन, अब 6 से 8 डायलिसिस हर रोज, कारण यह...

बीकानेर, सीकर, जयपुर और हिसार के अलावा स्थानीय इलाकों में डायलिसिस सुविधा देने वाली यूनिटों में यह सेवा बंद हो चुकी है।

By: Brijesh Singh

Published: 10 May 2020, 10:05 AM IST

लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है। देश का अधिकांश हिस्सा बंद है। राजस्थान के भी ज्यादातर इलाकों में आवाजाही की सख्त पाबंदी है। ऐसे में बीकानेर, सीकर, जयपुर और हिसार के अलावा स्थानीय इलाकों में डायलिसिस सुविधा देने वाली यूनिटों में यह सेवा बंद हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, यहां के अधिकांश अस्पताल कोविड-19 के इलाज के निमित्त रिजर्व हो चुके हैं। लिहाजा, वहां के सारे डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों का अचानक से दबाव डीबीएच, अस्पताल चूरू पर पड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, जनता कफ्र्यू और उसके बाद लॉकडाउन हो जाने के पहले तक यहां पर औसतन दो से तीन डायलिसिस हर रोज होती थी। महीने का औसत भी इसी के अनुपात में 6 0 से 90 डायलिसिस हर महीने का होता था। लॉकडाउन के बाद बीकानेर, हिसार, सीकर, जयपुर और स्थानीय प्राइवेट यूनिट्स में डायलिसिस की सुविधा बंद हो गई। लिहाा मरीजों ने चूरू की ओर रुख किया।

दो दिन आठ, एक दिन सात, बाकी दिन छह डायलिसिस
डीबीएच, चूरू की डायलिसिस यूनिट के प्रभारी डॉ. अजित गढ़वाल बताते हैं कि सोमवार और गुरुवार को आठ-आठ डायलिसिस इन दिनों हो रही है, जबकि बुधवार को सात और बाकी दिनों में छह-छह डायलिसिस होती है। इस तरह अब औसतन 200 से ज्यादा डायलिसिस हर माह हो रही है।

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Brijesh Singh Desk
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