दिल में था छेद, इनके प्रयास से लौटी खुशी की खुशी

थोड़ा सा चलने पर ही सांस के साथ थकान व कमजोरी अब खुशी को परेशान नहीं करेगी।

Brijesh Singh

18 Feb 2020, 12:07 PM IST

चूरू. रतनगढ़ के गौरीसर गांव की खुशी अब दौड़ में कभी पीछे नहीं रहेगी। थोड़ा सा चलने पर ही सांस के साथ थकान व कमजोरी उसे परेशान नहीं करेगी। यह सब संभव हुआ है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दिल के छेद ( Hole In Heart ) के निशुल्क ऑपरेशन के कारण। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रयास के बाद खुशी के चेहरे पर खुशी लौट आई है।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील जांदू ने बताया कि गौरीसर निवासी करणीसिंह की पांच बेटियों में सबसे छोटी नौ वर्षीय खुशी कंवर जन्म से दिल के छेद की बीमारी ( Hole In Heart disease )के कारण परेशान थी। आरबीएसके टीम की ओर से राजकीय स्कूल में स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया। शिविर में आरबीएसके टीम के डॉ. सुरेश कुमावत व डॉ. संगीता ने खुशी की जांच की। जांच में खुशी के जल्द ही थक जाना व बार-बार बीमार होने की बात सामने आई। टीम ने खुशी को चूरू के डीआईसी सेंटर पर रैफर किया।

डीआईसी सेंटर पर समन्वयक विजेन्द्र भाटी व विजय शर्मा ने खुशी की ईको जांच निशुल्क करवाई गई। जांच में खुशी के दिल में छेद पाया गया। टीम ने खुशी के उपचार के लिए जयपुर भेजा। जयपुर के अस्पताल में 13 फरवरी को निशुल्क उपचार करवाया गया। जिसमें करीब डेढ़ लाख से अधिक का खर्च आया। आरबीएसके की ओर से भुगतान किया गया। खेती का काम करने वाले करणी सिंह के लिये महंगा उपचार बेटी का करवाया जाना संभव नहीं था। े उपचार होने के बाद करणी सिंह के परिवार के चेहरे पर खुशी है।

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Brijesh Singh Desk
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