कैसे हो शहर की सुरक्षा 400 में से केवल 49 कैमरे

शहर में अपराधियों पर निगरानी रखने के लिए तीसरी आंख का काम अधरझूल में लटका हुआ है। सरकार बदलने के साथ ही योजना भी कागजों में अटक कर रह गई है।

By: Madhusudan Sharma

Published: 03 Jul 2021, 10:48 AM IST

चूरू. शहर में अपराधियों पर निगरानी रखने के लिए तीसरी आंख का काम अधरझूल में लटका हुआ है। सरकार बदलने के साथ ही योजना भी कागजों में अटक कर रह गई है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम लटका हुआ है। हालांकि कुछ माह पूर्व आईजी प्र फुल कुमार के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के अधिकारी कुछ हरकत में आए थे। लेकिन बाद में काम बीच में अटक गया है। ऐसे में पुलिस नियंत्रण कक्ष में बना अभय कमांड सेंटर शो-पीस की तरह काम कर रहा है। कैमरे नहीं होने से वारदात के बाद पुलिस को फुटेज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। हाल ही में सोना लूट की वारदात में पुलिस को फुटेज जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
इधर अभय कमांड के नाम से शुरू हुई योजना पूरी नहीं होने से बाजार सहित मु य जगहों पर लगाए गए पोल मुंह चिढ़ा रहे हैं। योजना के तहत करीब 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन अभी तक केवल 49 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अभी तक शहर में फाइबर लाइन भी नहीं बिछाई गई है। पुलिस नियंत्रण कक्ष में कुछ माह पूर्व मु यमंत्री अशोक गहलोत ने ऑनलाइन शुरू किया था, यहां पर स्टॉफ भी नियुक्त कर दिया गया है। लेकिन कैमरे नहीं लगे होने से अपराधियों तत्वों पर नजर नहीं रख पा रहे हैं।
नफरी की कमी को देखते हुए शुरू किया
सूत्रों की माने तो पुलिस में नफरी की कमी को देखते हुए पूर्ववर्ती सरकार की ओर से योजना को लागू किया गया था। इसके लिए जिलों में सीसीटीवी लगाने का काम भी शुरू हो गया था, लेकिन सरकार के बदलते ही मामला खटाई में पड़ गया। अपराधियों की निगरानी के लिए प्रदेशभर के सभी जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना लागू की गई थी। इसके लिए अभय कमांड सेंटर खोले गए थे।

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