प्रभारी सचिव बोले कानून मत समझाओ, दम है तो क्वालिटीयुक्त कार्य करवा के दिखा देना

प्रभारी सचिव बोले कानून मत समझाओ, दम है तो क्वालिटीयुक्त कार्य करवा के दिखा देना
Incharge Secretary Ajitabh Sharma reviewed development works churu

Rakesh Kumar Goutam | Updated: 25 Jan 2018, 11:46:27 PM (IST) Churu, Rajasthan, India

प्रभारी सचिव अजिताभ शर्मा ने जिले में विकास कार्यों की समीक्षा की

चूरू.

गुरुवार दोपहर 1.25 बजे कलक्ट्रेट सभागार...। प्रभारी सचिव अजिताभ शर्मा बोल रहे थे... तुमने बीएसआर दर से 21 प्रतिशत से भी कम दर पर टेंडर कर दिया। इतने कम रेट में कौन सा काम होगा, कौन सी गुणवत्ता होगी? काम कराने व टेंडर देने का कुछ तौर-तरीका है या नहीं। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता रामहेत मीणा व एक्सईएन बोले साहब हमारे यहां तो यही निमय है ऐसे ही काम होता है। सबसे कम रेट वाले को टेंडर देते हैं। इस पर प्रभारी सचिव उखड़ गए और बोले कानून मत सिखाओ, ज्यादा दिमाग मत लगाओ, दम है तो कार्य को क्वालिटी युक्त करवा के
दिखा देना।

 

प्रभारी सचिव यहीं नहीं रुके उन्होंने एडीएम को निर्देश दिया कि मिनट टू मिनट्स में इसका इंद्राज कराओ और जब काम शुरू होगा तो एसई खुद हर सप्ताह उसकी गुणवत्ता चेक करेंगे और मुझे रिपोर्ट भेजेंगे। इसके बाद भी एसई सफाई देते रहे तो सविच ने एसई को फटकारते हुए कहा की ज्यादा बड़-बड़ मत करो। कामकाज का तरीका सुधरो। बात और आगे बढ़ती कि जिला कलक्टर ने बीच में बात संभाल ली।

 

या तो तुम गलत हो या डीपीआर गलत बनाई

 

प्रभारी सचिव रतननगर में जल स्वावलंबन के तहत होने वाले करीब 15 लाख के पांच कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। लेकिन इस काम का टेंडर करीब 21 प्रतिशत से कम दर पर छोड़ा गया है। इस बात को लेकर वे उखड़ गए। एसई की सफाई से सचिव इतना खफा हुए कि वे बोले कि तुम लोगों ने ही कई कार्यों को चौपट किया है। एसई ने कहा कम दर वाले को टेंडर देना होता है उसे इग्नोर नहीं कर सकते। इस सचिव ने कहा कि उन्होंने अपने अधीन 50 करोड़ से अधिक टेंडरों में अनुमानित लागत से कम दर पर टेंडर के लिए आवेदन करने वालों का आवेदन ही निरस्त कर दिए।

 

नेचर पार्क में बच गया 25 प्रतिशत बजट

 

इसके बाद नेचर पार्क की समीक्षा में उन्होंने 25 प्रतिशत बजट बचने पर सवाल उठाए। सचिव ने कहा कि कोई काम छोड़ दिया गया या कहीं न कहीं कोई कमी की गई है। 25 प्रतिशत बजट कैसे बच गया। उन्होंने दूसरे चरण में शुरू हुए कार्यों को समय से पूरा करने को कहा। इसके अलावा जिले की निकायों में चल रहे सीवरेज व डे्रनेज कार्यों की भी समीक्षा की।

 

कलक्टर को सरदारशहर में चल रहे सीवरेज कार्य पर विशेष ध्यान देने को कहा। अमृत योजना के तहत पानी सप्लाई के कार्य की भी प्रगति रिपोर्ट ली। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई और कहा कि इसमें सुधार करो यह बहुत ही दयनीय स्थिति है। इस दौरान एडीएम राकेश कुमार, सीईओ राजपालसिंह, सीएमएचओ डा. मनोज शर्मा, डीबीएच पीएमओ डा. जेएन खत्री, पीएचईडी एक्सईएन संतोषसिंह भाटी आदि मौजूद थे।

 


2013 की बीएसआर दर पर करवा रहे काम

 

सचिव ने पूछा की कौन सी बीएसआर से काम करवा रहे तो अधीक्षण अभियंता ने जवाब दिया कि 2013 की बीसीआर से काम करवाया जा रहा है। इस पर प्रभारी सचिव ने कहा कि 2018 चल है और तुम पांच साल पहले की बीएसआर दर पर काम करवा रहे और वो भी 21 प्रतिशत कम दर पर। अब तक तुम्हारी नई बीएसआर भी नहीं बनी। बीएसआर तो अब हर साल बनती है।


कलक्टर बोले कुंडों में नहीं ठहर रहा पानी

 

जलकुंडों के निर्माण पर जिला कलक्टर ललित कुमार गुप्ता ने भी सवाल उठाए। गुप्ता ने कहा कि कई सरकारी कार्यालयों से शिकायत आर रही है कि जल कुंडों में पानी नहीं टिक रहा है। जेल व कलक्ट्रेट के कुंड में भी यह शिकायत है। इस पर सचिव ने कहा कि जब २१ प्रतिशत कम दर पर टेंडर देकर काम करवाएंगे तो यही नतीजा होगा। इनकी कायदे से मॉनिटरिंग करो। नहीं तो सारे कुंड़ों का यही हाल करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे कम रेट वाले को टेंडर देने की प्रथा अब बंद कर दो। निविदा शर्तों में परिवर्तन कर लो।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned