बीमा कंपनियां ब्लैक लिस्टेड होंगी

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में जल्दी ही स्वास्थ्य नीति लाई जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। डॉ. सुभाष गर्ग जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं।

चूरू. प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में जल्दी ही स्वास्थ्य नीति लाई जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। डॉ. सुभाष गर्ग जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। चूरू में जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और इसके मुखिया अशोक गहलोत राज्य में स्वास्थ्य के मुद्दे को लेकर अत्यंत गंभीर हैं। स्वास्थ्य राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। लिहाजा, सरकार शीघ्र ही प्रदेश में स्वास्थ्य नीति लेकर आ रही है। इसके साथ ही आमजन को स्वास्थ्य का अधिकार प्रदान किया जाएगा।


गलत क्लेम उठाने वालों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि सरकार आवारा पशुओं की समस्या को भी लेकर गंभीर है। इसके निस्तारण तथा इससे होने वाले सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए समुचित कदम उठा रही है। प्रभारी मंत्री ने माना कि कई ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनमें आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना में घालमेल की बातें सामने आई हैं। सरकार के पास इस बात की भी जानकारी है कि कुछ अस्पताल आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना के तहत राजस्थान में गलत तरीके से क्लेम उठाने की या तो कोशिश कर रहे हैं अथवा पात्र लोगों को बीमा की सुविधा नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे अस्पतालों की पहचान करवाई जा रही है। उन पर शीघ्र ही कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में बीमा कंपनियों की भी मिली-भगत होने की बात सामने आ रही है। ऐसी कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा। मंत्री के मुताबिक इसके लिए एक मंत्री मंडलीय उप समिति का गठन किया गया है। मंभी ने कहा कि स्वास्थ्य नीति लागू होने के बाद राज्य में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में थर्ड पार्टी मेडिकल ऑडिट शुरू की जाएगी तथा नए सिरे से अस्पतालों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं में सरकारी अस्पतालों में अधिक से अधिक रोगियों को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने उपखंड अधिकारियों से भी कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को एनएफ एसए से जोडऩे में संवेदनशीलता बरतें ताकि गरीब व पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से 900 चिकित्सकों की भर्ती की स्वीकृति मिल चुकी है तथा दो हजार चिकित्सकों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। आगामी दो-तीन वर्ष में राज्य में चिकित्सकों की कमी नहीं रहेगी।

Madhusudan Sharma
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