सेना में मेजर रणधीर सिंह की इस वजह से अचानक मौत, घर में मचा कोहराम, शोक में डूबा पूरा गांव

गांव हुडास निवासी व आर्मी में हवलदार मेजर टेक्निकल के पद पर ड्यूटीरत रणधीर सिंह राठौड़ का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

By: Rakesh gotam

Published: 04 Jan 2018, 10:54 PM IST

 लाडनूं.

गांव हुडास निवासी व आर्मी में हवलदार मेजर टेक्निकल के पद पर ड्यूटीरत रणधीर सिंह राठौड़ के शव का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में काफी संख्या में ग्रामीण व अधिकारी शामिल हुए। जैसे ही गांव में शव पहुंचा घर में कोहराम मच गया। गांव में हर किसी की आंखे नम हो गई।

 

रणधीर सिंह का शव लेकर पहुंचे सुबेदार राजेन्द्र सिंह जाखड़ ने बताया कि वर्तमान में उधमपुर में ड्यूटीरत रणधीर सिंह का ब्रेन हेमरेज का वर्ष २०१३ में ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से वे बीमार चल रहे थे। वहां से उन्हें सेना के दिल्ली व बाद में जयपुर के अस्पताल में रैफर कर दिया था। जहां दो जनवरी को उसका निधन हो गया। गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

 

15 वर्ष दी सेवा

 

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एमएस जोधा, तहसीलदार आदूराम मेघवाल, सुबेदार मेजर नवाब खां ने पुष्प चक्र अर्पित किया। मृतक के भाईविक्रम सिंह ने शव को मुखाग्नि दी। विक्रम सिंह को तिरंगा झण्डा प्रदान किया गया। गांव के मुख्य मार्गों से गुजरी शव यात्रा में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास पटेल, प्रताप सिंह कोयल, भाजपा महामंत्री कालूसिंह हुडास समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। रणधीर सिंह राठौड़ अपने परिवार में दो भाई हैं।। उसके एक बेटा है। वह वर्ष 2002 में आर्मी में भर्ती हुआ था।

 

करीब छह साल में राजेन्द्र नाम के तीन जांबाज शहीद


चूरू. हर साल चूरू के युवा देश की रक्षा करते शहीद हो रहे हैं। लेकिन यहां के युवाओं में दिनों-दिन सेना में जाने का जज्बा बढ़ता ही जा रहा है। हर साल 20 से 25 हजार युवा सेना व सीआरपीएफ में भर्ती होने के लिए रैलियों में भाग लेते हैं। करीब छह साल में जिले के पांच जांबाज शहीद हो गए। इसमें तीन सेना व दो सीआरपीएफ के सिपाही व अधिकारी शामिल हैं। गौरतलब है कि शहीदों में एक ही नाम (राजेन्द्र) के तीन जांबाज शामिल हैं।


राजेन्द्र सिंह पूनिया : राजगढ़ तहसील के गांव सरदारपुरा निवासी सेना में नायक सूबेदार राजेन्द्र ंिसंह ऑपरेशन रक्षक 2012 में 22 रवरी 2012 को जेएनके में शहीद हो गए थे।


जितेन्द्र सिंह राठौड़ : चूरू तहसील के गांव थैलासर निवासी सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडर जितेन्द्र सिंह राठौड़ नक्सल विरोधी अभियान 2015 के दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में 25 अप्रेल 2015 को शहीद हो गए थे।


राजेन्द्र सिंह : सुजानगढ़ के गांव राजियासर मीठा निवासी लांस नायक राजेन्द्र सिंह जम्मू एंड कश्मीर में चलाए जा रहे ऑपरेशन रक्षक में 30 अगस्त 2016 को गोली लगने से शहीद हो गए।


ईश्वरसिंह : राजगढ़ तहसील के गांव मूंदीताल निवासी लांस नायक ईश्वरसिंह जम्मू एंड कश्मीर में चलाए जा रहे ऑपरेशन रक्षक में 12 नवंबर 21016 में शहीद हो गए।


राजेन्द्र नैण : रतनगढ़ तहसील के गांव गौरीसर निवासी सीआरपीएफ में सिपाही राजेन्द्र नैण 31 दिसंबर 2017 को साल के आखिरी दिन फिदायीन हमले (आत्मघाती आतंकी हमले) में शहीद हो गए।

Rakesh gotam Reporting
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