Worship Gangaur Alone- अब युवतियों को अकेले करनी पड़ रही है गणगौर की पूजा

प्रति वर्ष गणगौर का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। पाटो-पाटो धोए पाटो धोए,,, गौर गौर गमती-इसर पूजे पार्वती जैसे अनेक मंगत गीतों की गूंज सुनाई देती थी। नवविवाहिता एवं युवतियां सामूहिक रूप से गणगौर माता की पूजा अर्चना के लिए एक स्थान पर इकट्ठी होती थी। सामूहिक रूप से मंगल गीत गाए जाते थे। मंदिरों और घरों में धार्मिक वातारण बना रहता था। लेकिन कोविड-19 वायरस के चलते सब तरफ सूनापन सा छा गया है। अब घरों में नव विवाहिताओं और युवतियों को अकेला ही पूजा करनी पड़ रही है।

Vijay

25 Mar 2020, 01:13 PM IST

सरदारशहर. कोरोना वायरस के संभावित खतरे के चलते पुरी दुनियां चिंतित है। इस महामारी को नियंत्रण करने के लिए सरकार एवं प्रशासन जुटा हुआ है तथा सभी तैयारियों को अंजाम देने के लिए लगा हुआ है। वही कोरोना वायरस के चलते गणगौर माता की पूजा पर भी इसका असर पड़ा रहा है। पहले जहा नवविवाहिता समूह में गणगौर माता की पूजा करती थीं, वहीं वार्ड 12 की नवविवाहिता अनीता सैनी ने अनूठी पहल की है। अनीता ने इस महामारी से बचाव के लिए अपने घर पर ही अकेले ही माता की पूजा करने का निर्णय लिया है। अनिता सैनी ने बताया कि शादी होने के बाद नवविवाहिता गणगौर माता की पूजा करती हैं। होली के दूसरे दिन उसने अपनी सहेलियों के साथ गणगौर माता की पूजा शुरू कर दी। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उसने अकेले ही घर में गणगौर माता की पूजा कर रही हैं।
गौरतलब है कि प्रति वर्ष गणगौर का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। पाटो-पाटो धोए पाटो धोए,,, गौर गौर गमती-इसर पूजे पार्वती जैसे अनेक मंगत गीतों की गूंज सुनाई देती थी। नवविवाहिता एवं युवतियां सामूहिक रूप से गणगौर माता की पूजा अर्चना के लिए एक स्थान पर इकट्ठी होती थी। सामूहिक रूप से मंगल गीत गाए जाते थे। मंदिरों और घरों में धार्मिक वातारण बना रहता था। लेकिन कोविड-19 वायरस के चलते सब तरफ सूनापन सा छा गया है। अब घरों में नव विवाहिताओं और युवतियों को अकेला ही पूजा करनी पड़ रही है।

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Vijay Desk/Reporting
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