संविदाकर्मियों की हड़ताल से अटका 2 करोड़ से अधिक का भुगतान

Rakesh gotam

Publish: Oct, 13 2017 10:48:54 (IST)

Churu, Rajasthan, India
संविदाकर्मियों की हड़ताल से अटका 2 करोड़ से अधिक का भुगतान

संविदाकर्मियों की हड़ताल से अटका 2 करोड़ से अधिक का भुगतान

चूरू. नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के प्रबंधकीय संवर्ग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले में विभिन्न योजनाओं व आशा सहयोगिनियों के लाखों रुपए का भुगतान अटक गया है। इसके कारण लाभार्थियों को योजनाओं को समय से लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा 65 आयुष चिकित्सकों की तनख्वाह का भुगतान नहीं हो रहा है। वहीं पेंडेंसी भी बढ़ती जा रही है। लेकिन सरकार पर संविदा कर्मियों की हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ रहा है। पिछले महीने का 2 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान रुक गया है।

 

 


इन योजनाओं का भुगतान अटका

 

 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. अजय चौधरी ने बताया कि संविदाकर्मियों की हड़ताल के कारण जेएसवाई, राजश्री का भुगतान, आशा सहयोगिनियों का मानदेय अटका गया है। उक्त योजनाओं में सितंबर माह का एक रुपए भी भुगतान नहीं हुआ। आयुष चिकित्सकों की तनख्वाह, बिल संबंधी भुगतान नहीं हो रहा है। टीकाकरण कार्यक्रम व 108 एंबुलेंस का निरीक्षण, संस्थानों का एमएसएनए निरीक्षण नहीं हो रहा। सपोर्टिव सुपरविजन का कार्य भी रुक गया है। हड़ताल समाप्त होने पर उक्त कार्य हो पाएंगे।

 

 


ये कर्मचारी हड़ताल पर

 

 

बीपीएम ओम प्रकाश ने बताया कि एनयूएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, पब्लिक हेल्थ मैनेजर, एनएचएम के डीपीपीए, बीपीएम, लेखाकार, ब्लॉक व पीएचसी सुपरवाइजर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के साइकोलॉजिस्ट, सोशल वर्कर, जिला सलाहकार, एनसीडी व आईडीएसपी के लगभग 160 कार्मिक हड़ताल पर हैं। इसमें करीब 100 कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। एनएचएम के तहत करीब 14 योजनाएं संचालित होती हैं जो ठप हैं।

 

 

इनका इतना अटका भुगतान

 

 

- आशा सहयोगिनियों का 64 लाख रुपए से अधिक बकाया।
- जेएसवाई का 38 लाख से रुपए से अधिक बकाया।
- राजश्री का 43 लाख रुपए से अधिक बकाया।
- आयुष चिकित्सकों का वेतन 10 लाख रुपए से अधिक बकाया।

- 108 एंबुलेंस का 48 लाख से अधिक बकाया।

 

 

 


संविदाकर्मियों ने किया अद्र्धनग्न प्रदर्शन

 

 

एनएचएम के संविदा कार्मिकों ने आंदोलन के 24वें दिन नियमितीकरण की मांग को लेकर अद्र्धनग्न प्रदर्शन किया। प्रबंधकीय संवर्ग के कार्मिकों ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष घनश्याम स्वामी ने बताया कि संविदा कर्मियों की निरस्त की गई भर्ती के प्रति सरकार का रवैया नकारात्मक है। कार्मिक लम्बे समय से अल्प मानदेय में कार्यरत हैं। 2013 में निकाली गई नियमित भर्ती को पुन: बहाल करने सहित पांच सूत्री मागों को लेकर 24 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार कोई सकारात्मक जवाब नहीं दे रही है। इधर 108 आपातकालीन सेवा कर्मचारी एकता यूनियन कर्मचारी महासंघ के आदूराम न्यौल व रिछपाल चारण व जिलाध्यक्ष पवन पूनिया ने धरने को समर्थन दिया।

 

 


एंबुलेंस चालकों ने निकाला जुलूस

 

 

चूरू. 11 सूत्री मांगों को लेकर 108 एंबुलेंस चालक जिला यूनियन की ओर से बुधवार को राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला गया। जिला कलक्टर को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष पवन पूनिया ने कहा कि सरकार 108 एंबुलेंस चालकों के हितों के प्रति ध्यान नहीं दे रही है। पूनिया ने बताया कि यूनियन की ओर से श्रम कानून के मुताबिक आठ घंटे ड्यूटी कराने, कोर्ट के द्वारा निर्धारित मानदेय देने, महीने में चार अवकाश स्वीकृत करने, वेतन दिनांक निर्धारित करने, 108 एंबुलेंस सेवा के कार्मिकों को ठेका प्रथा से मुक्त करने तथा जीवन वाहिनी सेवा का संचालन सरकार की से करने की मांग की गई है। इसके अलावां यूनीफार्म भत्ता देने, नियम विरुद्ध कार्मिकों का स्थानांतरण रोकने, 108 एंबुलेंस का रख-रखाव सरकार की ओर से करने तथा चालकों के लिए स्थाई आवास की व्यवस्था कराने की मांग की गई है। इस मौके पर अनेक कार्मिक मौजूद थे।

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