नवजात बेटी के लिए सालासर में नारियल बांधा तो घांघू जीणमाता मंदिर में आरती की

नवजात बेटी के लिए सालासर में नारियल बांधा तो घांघू जीणमाता मंदिर में आरती की

Rakesh gotam | Publish: Nov, 15 2017 11:50:11 AM (IST) Churu, Rajasthan, India

लावारिस नवजात बेटी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए मंदिरों में प्रार्थनातीसरे दिन स्वास्थ्य में हुआ कुछ सुधार

चूरू. शहर में 12 नवंबर को वार्ड 39 में मिली लावारिस नवजात बेटी के स्वास्थ्य में तीसरे दिन दोपहर बाद कुछ सुधार होने लगा है। लेकिन अभी भी सांस लेने में दिक्कत होने के कारण भर पेट दूध नहीं दिया जा रहा। वहीं गले में लगी चोट का घाव भी सूखने लगा है। इधर, मंगलवार को मंदिरों व कुछ संस्थाओं में नवजात के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना, आरती कर मन्नते मांगी गई।

 


हनुुमान सेवा समिति के अध्यक्ष देवकीनंदन पुजारी ने बताया कि समिति की ओर से पुजारी चन्द्रप्रकाश ने मंदिर में बेटी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए नारियल बांधकर मनौतियां मांगी। वहीं घांघू गांव स्थित जीणमाता मंदिर में शाम को श्रद्धालुओं ने पुजारी नंदलाल शर्मा के सान्निध्य में आरती कर अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

 


आरोपितों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की मांग

 

वहीं, राजकीय लोहिया पीजी महाविद्यालय के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर को गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर नवजात बेटी को मारने का प्रयास करने वाले आरोपित परिजनों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग की। नवजात के परिजनों को नहीं पकड़े जाने पर ***** जाम कर कर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर छात्रसंघ महासचिव आशीष माटोलिया, जसवंत चौहान, नीतिन बजाज, अजय नायक, विनायक बागड़ा, राहुल चंदेल आदि मौजूद थे।

 


फेंकने की बजाय पालना गृह में छोड़े अनचाही संतान

 

अनचाही संतानों को बचाने के लिए सरकार की ओर से जिला व दोनों उप जिला अस्पतालों में पालना गृह खोले गए हैं। लेकिन फिर भी लोग पालना गृह में छोडऩे की बजाय अभी भी झाडिय़ों व सुनसान स्थानों पर मरने के लिए छोड़ रहे हैं। डीबीएच के अधीक्षक डा. जेएन खत्री ने बताया कि पालना गृह में अनचाही संतान को छोडऩे वालों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाती है, जो भी व्यक्ति नवजात को नहीं अपनाना चाहते हैं वे यहां गोपनीय तरीके से छोड़ सकते हैं।


अभी भी बना हुआ है खतरा

 

शिशु रोग विशेषज्ञ डा. इकराम हुसैन, डा. अभिनव सरीन, डा. मोतीलाल सोनी व डा. अमजद खान नवजात की बारी-बारी से नियमित देखरेख कर रहे हैं। डा. हुसैन ने बताया कि नवजात के स्वास्थ्य में पहले से कुछ सुधार है लेकिन अभी खतरे से बाहर नहीं है। कुछ समय के अंतराल पर ऑक्सीजन भी दी जा रही है, ड्रिप अभी भी लगी है। मदर मिल्क बैंक से दूध मंगवाकर सीमित मात्रा में पिलाया जा रहा है। एसएनसीयू वार्ड की नर्सिंग प्रभारी एएनएम रचना चौधरी ने बताया कि यशोदा संतोष शर्मा, रेणु शर्मा, सुनीता चौधरी, सुनीता सारस्वत आदि बारी-बारी से नवजात की देखरेख कर रही हैं।

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