डीईओ का तीन घंटे घेराव कर जताया विरोध

बिना नीति के तबादले बर्दाश्त नहीं

By: Rakesh gotam

Published: 07 Jun 2018, 12:53 PM IST

चूरू.

 

राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत से जुड़े शिक्षकों ने हाल ही में किए गए तबादलों के विरोध में बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक चूरू का घेराव किया। शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे संघ के प्रदेश महामंत्री आरिफ खान ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान व नीति विरुद्ध तबादलों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक से वार्ता के लिए लिखित में समय मांगा गया था। मगर वे समय देने की बजाय टालमटोल करने लगे। इससे आक्रोशित शिक्षकों ने दोपहर करीब 12 बजे घेराव शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे चले घेराव के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी कर हंगामा कर दिया। बाद में डीईओ ने 12 जून को वार्ता के लिए लिखित में समय दिया। इस पर शिक्षक शांत हो गए। महासंघ के उपाध्यक्ष त्रिलोक कीलका ने राज्यादेशों के नाम पर सरकार ने बड़े पैमाने पर धांधली की है।

 

चूरू उपशाखा अध्यक्ष कमल रक्षक ने बताया कि डीईओ ने शिक्षकों को भयभीत कर कार्यमुक्ति के लिए अलग से आदेश जारी किया है। इसका कोई औचित्य नहीं है। सुजानगढ़ उपशाखा अध्यक्ष गुमानाराम गोदारा ने बताया कि राज्यादेश के नाम पर पीडि़त महिला शिक्षकों को ब्लॉक से बाहर लगा दिया गया है। जबकि ब्लॉक में पद खाली पड़े हैं। रेसला के जिलाध्यक्ष रामकुमार खीचड़ ने बताया कि स्थानांतरणों में एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता, असाध्य रोग वालों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। संघ शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा। घेराव
के दौरान नागरमल गिंवारिया, धर्मेंद्र बुडानिया,भागीरथ बीरड़ा, असलम खान, अविनाश सहारण, शराफत अली, धर्मेंद्र बुडानिया व शमशेर खान आदि शामिल थे।

 

फल वितरित कर अपनाई गांधीगिरी
चूरू. जिलेभर में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे मनरेगा व पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों का धरना ३७वें दिन बुधवार को भी जारी रहा। आंदोलन के क्रम में कर्मचारियों ने चूरू, सरदारशहर, बीदासर व तारानगर सहित अन्य जगह गांधीगिरी
अपनाते हुए राजकीय अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फल वितरित कर मांगों की तरफ सरकार का ध्यानाकर्षित करवाया।

Rakesh gotam Reporting
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