आरटीई: प्रवेश का सपना अधूरा

राज्य सरकार ने नौनिहालों के लिए स्कूल भले ही खोल दिए हों लेकिन निम्न आय वर्ग के बच्चों को अभी तक आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिल सका है।

By: Madhusudan Sharma

Published: 08 Oct 2021, 09:43 AM IST

चूरू. राज्य सरकार ने नौनिहालों के लिए स्कूल भले ही खोल दिए हों लेकिन निम्न आय वर्ग के बच्चों को अभी तक आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिल सका है। ऐसे में ये बच्चे शिक्षा से महरूम नजर आ रहे हैं। शिक्षा सत्र शुरु हुए 6 माह हो चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई अभिभावकों की स्थिति तो ये है कि वे बच्चों को आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का इंतजार कर रहे हैं। कई अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला भी करा दिया है। लेकिन आरटीई के तहत मिलने वाले सहयोग को लेकर फिलहला असमंजस की स्थिति है। अल्प आय वर्ग के अभिभावकों को आरटीई से राहत मिलती है। क्योंकि इसमें स्कूलों को फीस का पुनर्भरण राज्य सरकार की ओर से किया जाता है। निजी शिक्षण संस्था संघ अध्यक्ष मास्टर दाऊद काजी का कहना है कि आरटीई के तहत अप्रेल माह में प्रवेश प्रक्रिया शुरु कर दी गई थी, लेकिन उसे कोरोना के कारण स्थगित कर दिया। बाद में छोटे बच्चो के लिए स्कूल खोल दिए, लेकिन अब भी प्रवेश नहीं किए जा रहे हंै।
इनका कहना है
&राज्य सरकार ने अभी तक गारन्टी के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरु न कर अल्प आय वाले बच्चो व अभिभावको के साथ अन्याय कर रही है। जल्द ही प्रक्रिया शुरु की जावे। हमारी स्कूल में गत वर्ष 14 व विगत वर्ष 18 गरीब विद्यार्थियो ने आरटीई में प्रवेश लेकर लाभ लिया था। सरकार से पुनर्भरण राशि भी समय पर नहीं मिल रही है।
मास्टर दाऊद काजी, अध्यक्ष निजी शिक्षण संस्था संघ, सुजानगढ़
&आरटीई में अभी प्रवेश प्रक्रिया स्थगित है, उच्चाधिकारियो से जैसे निर्देश मिलेंगे, उस अनुसार शुरु होगी। गत वर्ष ब्लॉक में 8 97 व विगत वर्ष 1234 बच्चो ने आरटीई में प्रवेश लिया था।
कुलदीप व्यास, सीबीईओ सुजानगढ़
&अभिभावक नये प्रवेश के लिए पूछताछ कर रहे है लेकिन आरटीई में अभी प्रवेश ऑनलाइन नहीं हो रहे है। पिछले दो वर्ष में मेरी स्कूल में 24 बच्चो ने प्रवेश लेकर लाभ उठाया था।
आदूराम सैनी, संचालक निजी शिक्षण संस्थान सुजानगढ़

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Madhusudan Sharma Bureau Incharge
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