साहवा के कमल हुए शहीद, देर रात को कश्मीर पहुंची पार्थिव देह

जम्मू-कश्मीर के तंगधार में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से साहवा का लाडला कमल कुमार शहीद हो गया। वह यहां देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात था। लाडले के शहीद होने पर जहां गांव में शोक की लहर छा गई है वहीं देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने पर जिले को गर्व भी है।

साहवा. जम्मू-कश्मीर के तंगधार में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से साहवा का लाडला कमल कुमार शहीद हो गया। वह यहां देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात था। लाडले के शहीद होने पर जहां गांव में शोक की लहर छा गई है वहीं देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने पर जिले को गर्व भी है। जानकारी के अनुसार कमल 2018 में पढ़ते-पढ़ते ही भारतीय सेना के दो जाट रेजीमेंट में भर्ती हो गए थे। उनकी इन दिनों पोस्टिंग जम्मू कश्मीर के तंगधार क्षेत्र में लगाई गई थी। बर्फीले तूफान के नीचे दब जाने से कमल शहीद हो गए। सूत्रों के अनुसार कमल की पार्थिव देह रात को श्रीनगर पहंच चुकी है। वहां से उनकी पार्थिव देह सैनिक सम्मान के साथ विमान से गुरुवार को बीकानेर या दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद वहां से साहवा के लिए रवाना किया जाएगा। गौरतलब है कि शहीद के पिता धर्मेंद्र सेना में हवलदार के पद से सेवानिवृत हुए हैं। कमल के एक छोटी बहन है। कमल मिलनसार था। युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करता था।
प्रथम वर्ष में प्रवेश, सेना में हुए भर्ती
कमल कुमार ने सहवा में ही निजी कॉलेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। इस दौरान ही उसका सेना के लिए चचन हो गया। उसकी बचपन से ही सेना में जाने की रुचि थी।

Madhusudan Sharma
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