रेंग रही 971 करोड़ रुपए की आपणी योजना

सुजानगढ़, रतनगढ़ व बीदासर के लोगों तक हिमालय का मीठा पानी पहुंचाने वाले प्रदेश के भगीरथ सो गए।

By: Madhusudan Sharma

Published: 25 Apr 2018, 12:15 PM IST

मधुसूदन शर्मा
चूरू. सुजानगढ़, रतनगढ़ व बीदासर के लोगों तक हिमालय का मीठा पानी पहुंचाने वाले प्रदेश के भगीरथ सो गए। इसका खमियाजा ये है कि 971 करोड़ रुपए की आपणी योजना का दूसरा चरण धरातल पर रेंग-रेंग कर आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और कार्य करने वाली कंपनी की मनमानी प्रोजेक्ट की रफ्तार को कछुआ चाल बना दिया है। जानकारी के अनुसार सरकार ने योजना के द्वितीय चरण के तहत रतनगढ़-सुजानगढ़ वृहद पेयजल परियोजना 2013 में स्वीकृत कर कार्य शुरू किया था। 2016 में कार्य पूरा कर लोगों को मीठा पानी उपलब्ध कराना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वर्तमान में योजना की हालत ये है कि रतनगढ-सुजानगढ़ के कुछ क्षेत्रों में योजना का कार्य अभी भी बाकी पड़ा है। हालात ये हैं कि कहीं टंकियों से पाइप लाइनों को नहीं जोड़ा गया, कहीं बिजली से कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। जबकि अधिकारी कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं। इधर धन्नासर से सरदारशहर तक का प्रोजेक्ट 366.27 करोड़ रुपए का था। सरकार ने प्रोजेक्ट के तहत चाही गई राशि कंपनी को दे दी लेकिन कंपनी ने समय पर संसाधन उपलब्ध नहीं कराए। ऐसे में कार्य जोर नहीं पकड़ पाया। कार्य में देरी के चलते सरकार ने इस पर करीब साढ़े सात करोड़ रुपए की शास्ति भी लगाई लेकिन काम की कछुआ चाल में कोई बदलाव नहीं आया है। ऐसे में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इस योजना का कार्य पूरा करने की तिथि दो बार बढ़ा दी गई है।


ये काम भी बाकी
सुजानगढ़ में आपणी योजना की ओर से शहर में करीब 80 किमी तक तीन ईंच की पाइप लाइन डाली थी। लेकिन इन लाइनों को मुख्य लाइन से भी नहीं जोड़ा गया है। ऐसे में ये कार्य भी अधूरा ही पड़ा है। कंपनी की तरफ से की जा रही लेटलतीफी का नुकसान सुजानगढ़, रतनगढ़ की जनता को भुगतना पड़ रहा है। लेकिन जनप्रतिनिधि इसमें उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। कार्य को गति मिलने पर पानी शीघ्र मिलेगा।

 

आपणी योजना पर एक नजर
- आपणी योजना का द्वितीय चरण 17 अगस्त 2013 को शुरू
किया गया।

 

कुल लागत
-आपणी योजना के कार्य पर कुल 971 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अभी भी कार्य जारी

 

अब तक खर्च
- योजना के तहत अब तक 781.39 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके। यदि कार्य की यही रफ्तार रही थी योजना को निर्धारित राशि से अधिक खर्च हो सकती है। मीठे पानी के लिएऔर इंतजार करना पड़ेगा।

 

कार्य की स्थिति
- योजना का पूरा कार्य 16 अगस्त 2016 को पूरा किया जाना था लेकिन अभी तक अधूरा।

 

रतनगढ़ के गांव
- द्वितीय चरण में रतनगढ़ के 101 गांव, दो शहर (रतनगढ़ एवं राजलदेसर) को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

 

सुजानगढ़ के गांव
- सुजानगढ़ के कुल 155 गांव, तीन शहर (सुजानगढ़, बीदासर और छापर)। इस योजना के तहत कुल 256 गांव, पांच शहर और 319 ढाणियों को मीठा पानी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्य की गति पर सवालिया निशान लगने लगे हैं।


देरी के दो प्रमुख कारण
१. योजना के देरी होने के पीछे टं्रक लाइन का कार्य पूरा होना बाकी है। ऐसे में पानी वितरण नहीं हो रहा है। वर्तमान में सरदारशहर की आपणी योजना की पुरानी लाइन से पानी लिया जा रहा है। जिससे 40 गांव, 19 ढाणियों, दो शहरों को आंशिक लाभान्वित किया जा रहा है।

२. धन्नासर हैडवक्र्स से सरदारशहर तक पाइप लाइन के जरिए पानी आना शेष है। लेकिन वहां से पानी नहीं छोड़े जाने के कारण रतनगढ़ व सुजानगढ़ तहसील के गांवों के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।

 

लगाई शास्ति
आपणी योजना का कार्य दो चरणों में विभाजित किया था। इसमें प्रथम और द्वितीय चरण में कार्य करने वाली फर्मों की ओर से परियोजना का कार्य धीमी गति से करने, पाइप लाइन पूरी नहीं बिछाने, क्रॉसिंग की अनुमति देरी से लेने आदि के कारण सरकार ने कंपनियों पर 13.93 और 2.75 करोड़ रुपए की शास्ति लगाई। शास्ति लगने के बाद कंपनी ने काम की गति और धीमी कर दी है।


यहां भी धीमा कार्य
सुजानगढ़ क्षेत्र में गणेश मंदिर के पास, औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य जगह बने पम्प हाउसों में अब तक बिजली के कनेक्शन नहीं हुए हैं। जबकि कुछ माह पहले करोड़ों रुपए की राशि जोधपुर डिस्कॉम को दी जा चुकी है।

इनका कहना है

धन्नासर से पानी सरदारशहर आना है। इस कारण गांवों में योजना का पानी मिलने में देरी हो रही है। योजना के तहत कार्य पूरा हो चुका है। देरी के पीछे एक कंपनी की भी मनमानी रही है। इस कारण उसे ब्लैक लिस्टेड भी किया जा चुका है। सुजानगढ़ क्षेत्र का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। लोगों को शीघ्र पानी मिलेगा।
खेमाराम, विधायक, सुजानगढ़

 

योजना के तहत लगभग कार्य पूरा हो चुका है। धन्नासर से पानी आना बाकी है। फिलहाल आंशिक पानी कुछ गांवों को दिया जा रहा है। शीघ्र ही लोगों को पानी मिलेगा। कार्य का स्थान बदलने, हाइवे क्रॉसिंग आदि को लेकर देरी हुई है। अब लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
रामावतार सैनी, अधिशासी अभियंता, आपणी योजना, सुजानगढ़

 

योजना के तहत 15 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। टं्रक लाइन का कार्य पूरा नहीं होने से पानी वितरण में देरी हो रही है। बस इसका कार्य शीघ्र कर लोगों को मीठा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
सुगनचंद मंडार, अधिशासी अभियंता, आपणी योजना, रतनगढ़

 

कंपनी ने प्रथम और द्वितीय चरण में सही कार्य किया है। तृतीय चरण में काम की गति धीमी कर दी। इस कारण सरकार के नियमानुसार शास्ति भी लगाई गई है। कंपनी की ओर से समय पर संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण योजना का काम गति नहीं पकड़ पाया है। अब प्रयास किया जा रहा है कि तेजी से कार्य पूरा किया जाए।
सुखपालसिंह, एईएन, आपणी योजना धन्नासर

Madhusudan Sharma Bureau Incharge
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