रैन-बसेरे में रहने को मजबूर सैनिक की पत्नी व बच्चे

अपनी जान पर खेलकर सीमाओं की सुरक्षा करने वाले एक सेवानिवृत्त फौजी की पत्नी बच्चे के साथ रैन-बसेरे में रहने को मजबूर है। फौजी पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे मारपीट कर घर से बेघर कर दिया।

By: Madhusudan Sharma

Published: 27 Jun 2021, 01:56 PM IST

चूरू. अपनी जान पर खेलकर सीमाओं की सुरक्षा करने वाले एक सेवानिवृत्त फौजी की पत्नी बच्चे के साथ रैन-बसेरे में रहने को मजबूर है। फौजी पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे मारपीट कर घर से बेघर कर दिया। पीडि़त महिला पुलिस के अधिकारियों से गुहार लगा चुकी है। लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ढाणी मौजी तहसील तारानगर निवासी पीडि़ता मंजू ने बताया कि फौज से सेवानिवृत्त पति मगन सिंह की पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने पीडि़ता से शादी की थी। पति की पहली पत्नी की कोई संतान नहीं थी। पीडि़ता ने बताया कि छह साल तो सबकुछ ठीक चलता रहा, लेकिन पति की इस वर्ष २४ जनवरी को मौत हो गई। इसके बाद से देवर आदि उसे तंग व परेशान करने लगे। पीडि़ता ने बताया कि देवरों ने उसके बेटे सहित उसे मारपीट कर बाहर निकाल दिया। पीडि़ता मंजू ने बताया कि अब रहने-खाने का ठिकाना नहीं है। उन्होंने बताया कि उसे घर से निकाले जाने के बाद बच्चे सहित राजगढ़ व चूरू प्लेटफॉम पर रात गुजारी, वहीं एक सप्ताह से पुराने बस स्टैंड के सामने स्थित रैन-बसेर में पनाह ले रखी है। पीडि़ता ने बताया कि देवर व पति के भांजे ने मारपीट कर उसके एक देवर के लड़के को भी घर से बाहर निकाल दिया।

Show More
Madhusudan Sharma Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned