पंजाब के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की हत्या कर गुलपुरा स्थित कुंड में डाल गए थे शव

पंजाब में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय करता था जोरासिंह



By: Rakesh gotam

Published: 11 Dec 2017, 10:55 PM IST

सादुलपुर. तहसील के गांव गुलपुरा की रोही स्थित कुंड में आठ दिन पहले मिले अज्ञात शव की सोमवार को शिनाख्त हो गई है। शव पंजाब के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी का था, जिसकी हत्या करने के बाद वारदात को छुपाने के लिए आरोपित शव को सादुलपुर क्षेत्र के एक कुंड में डाल गए।

 

थानाधिकारी भगवान सहाय मीणा ने बताया कि मृतक की शिनाख्त भटिंडा (पंजाब) के गांव चांदशहर निवासी जोरासिंह पुत्र कालासिंह सिक्ख (42) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस हरियाणा व सीमावर्ती क्षेत्र के थानों में मृतक की शिनाख्त के लिए फोटो भिजवाई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया था। मृतक का बड़ा भाई बलवीरसिंह परिवार के साथ सोमवार शाम पुलिस थाने पहुंच कर मृतक जोरासिंह की फोटो एवं कपड़ों को देखकर शिनाख्त की। पुलिस ने भाई की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

रुपयों का हिसाब करने गया था हिसार

 

परिजनों ने बताया कि जोरासिंह ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता था। दो दिसंबर को रुपए का हिसाब-किताब करने के लिए घर से हिसार के लिए रवाना हुआ था। लेकिन वापस घर नहीं लौटा। इसके बाद थाने में पांच दिसंबर को गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। फोटो पहुंचने पर थाने वालों ने सूचना दी। इसके बाद शिनाख्त के लिए वे सादुलपुर थाने पहुंचे।

 


करीबियों के इर्द-गिर्द घूम रही शक की सूई

 

परिजनों को आशंका है कि उसकी हत्या के पीछे करीबी लोगों का हाथ है। मामले में हाई प्रोफाइल गैंग के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी तक हत्या के राज तक नहीं पहुंच सकी है। थानाधिकारी मीणा ने बताया कि मृतक की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। इसमें हत्या के कारण सामने आ सकते हैं। प्रथम दृष्टया जोरासिंह के साथ पहले काफी मारपीट की गई थी। उसके शरीर पर चोट के काफी निशान थे।

 


अवशेष व पिता के डीएनए का होगा टेस्ट

 

एसएफएल व डाक्टरों की टीम ने मृतक के पिता का डीएनए लिया है। थानाधिकारी के मुताबिक मृतक के अवशेष व उसके पिता का डीएनए परीक्षण करवाया जाएगा। शव की शिनाख्त नहीं होने पर सात दिसंबर को दाह संस्कार करवा दिया गया था। लेकिन पुष्टि के लिए शव के अवशेष सुरक्षित रखवाती है।

 

 

गुलपुरा की रोही में कैसे लेकर पहुंचे शव

 

पुलिस इस बात का भी पता लगा रही कि आरोपित किस रास्ते से शव को लेकर गुलपुरा पहुंचे। चंूकि जोरासिंह परिजनों को हिसार में कारोबार का हिसाब करने की बात कहकर गया था। इसके अलावा कुछ कच्चे रास्ते भी बताए जा रहे हैं जो गुलपुरा की तरफ जाते हैं। गुलपुरा गांव हरियाणा के बार्डर पर स्थित है।

 

ब्लाइंड मर्डर के लिए सुरक्षित बॉर्डर के गांव

 

बॉर्डर के गांवों में पहले भी चार-पांच अज्ञात शव मिल चुके हैं। लेकिन किसी का भी खुलासा नहीं हो सका। ऐसे में आरोपितों के लिए हत्या कर शव यहां के गांवों में डाल जाना काफी सुरक्षित बनता जा रहा है। कई सालों में यह पहला केस है जिसकी शिनाख्त हो पाई है।

 


बॉर्डर से जुड़े सभी रास्तों में लगे सीसीटीवी

 

क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बार्डर के गांवों में हरियाणा से आने वाले रास्तों पर ग्राम पंचायत के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगावा दिए जाएं तो ऐसी वारदातों पर काफी अंकुश लग सकता है। लेकिन इसके लिए पुलिस व प्रशासन को संयुक्त रूप से ठोस कार्रवाई करना होगा तभी यह संभव हो सकेगा।

Rakesh gotam Reporting
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