कोरोना की तीसरी लहर, तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग

कोरोना की दूसरी लहर ने हर वर्ग को अंदर से हिला कर रख दिया, महामारी से कई लोगों की जाने गई। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी नाकाफी नजर आई।

By: Madhusudan Sharma

Published: 21 Jun 2021, 09:05 AM IST

चूरू. कोरोना की दूसरी लहर ने हर वर्ग को अंदर से हिला कर रख दिया, महामारी से कई लोगों की जाने गई। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी नाकाफी नजर आई। जिला अस्पतालों में भी संसाधनों की कमी देखी गई। बैड व समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से लोग तड़पते हुए नजर आए। इतना ही नहीं कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवाओं की जमकर कालाबाजारी की। अब तीसरी लहर का खतरा भी मंडराने लग गए गया है, जो कि दूसरी लहर के मुकाबले में और भी ज्यादा घातक है। हालांकि अभी भी कोरोना पूरी तरह से गया नहीं है कि लोगों लॉकडाउन में कुछ राहत मिलते ही एक बार फिर सभी जगहों पर लापरवाही देखने को मिल रही है। भयानक मंजर को देखने के बावजूद गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल डिस्टेंस टूटने सहित मुह से मॉस्क गायब होने लग गए हैं।
दूसरी लहर के अनुभवों से सबक लेते हुए सरकार की ओर से इससे निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसको लेकर अभी से मेडिकल स्टॉफ व संसाधनों को बढ़ाया जा रहा है। चूरू जिले में मेडिकल ढांचे को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। जिला अस्पताल सहित सीएचसी, पीएचसी स्तर पर मेडिकल स्टॉफ ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, आईसीयू बैड, ऑक्सीजन बैडों की सं या को बढ़ाया जा रहा है। ताकि वायरस की तीसरी लहर से बच्चों, बुजुर्गों सहित युवाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

जिला अस्पताल में बनाया जा रहा है ऑक्सीजन प्लांट
राजकीय डीबी अस्पताल में एक ओर ऑक्सीजन प्लांट को तैयार किया जा रहा है, ताकि मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं रहे। जिले में वर्मामान में डीसीएच के रूप में राजकीय डीबी चिकित्सालय को आरक्षित किया गया है। जिसकी बैड क्षमता ३०० तक है, जिसमें कोविड के लिए जनरल बैड ७५, ऑक्सीजन सर्पोटेड बैड १००, २५ आईसीयू व ५१ वैंटिलेटर आरक्षित किए गए हैं। आवश्यकता पडऩे पर सभी ३०० बैड को कोविड के लिए आरक्षित किया जाएगा व सामान्य ओपीडी नेत्र चिकत्सालय में संचालित की जाएगी।

ये भी तैयारियों में शामिल
- डीसीएचसी के रूप में राजकीय उप चिकित्सालय रतनगढ़ को आरक्षित किया गया है, जिसकी बैड क्षमता १०० है। जिसमें कोविड के लिए जनरल बैड 10, ऑक्सीजन सर्पोटेड बैड ४० तथा ५ वैंटिलेटर आरक्षित है। उप जिला चिकित्सालय रतनगढ में पूर्व में एक ऑक्सीजन प्लांट संचालित है, इसके अतिरिक्त एक ऑक्सीजन प्लांट निर्माण प्रक्रियाधीन है।
- डीसीएचसी के रूप में राजकीय उप चिकित्सालय सुजानगढ़ को आरक्षित किया गया है। जिसकी बैड क्षमता १०० है।
- जिले में कुल १२ कोविड केयर सेंटर संचालित हैं, जिनमें कोविड के लिए ४७२ बैड आरक्षित किए गए हैं।
- जिले में वर्तमान में कुल ७ सीएचसी को कोविड कंसलटेंट केयर सेंटर के रूप में आरक्षित कर संचालित किया जा रहा है। तथा शेष ११ सीएचसी में कोविड मरीजों के उपचार के लिए दवाई, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करा दिए गए हैं। जिसमें आवश्यकता पडऩे पर कोविड़ कंसलटेंट केयर के रूप में आरक्षित कर संचालित किया जाएगा। इससे डीसीएच व डीसीएचसी आरक्षित चिकित्सालयों में मरीजों का लोड़ कम किया जा सकेगा।
- जिले में कोविड उपचार के लिए कुल सात निजी चिकित्सालयों को कोविड़ मरीजों के उपचार के लिए आरक्षित किया गया है। जिसमें आरटीपीसीआर पोर्टल पर जोड़कर दैनिक रिपोर्टिंग करवाई जा रही है। आवश्यकता पडऩे पर निजी चिकित्सालयों को भी कोविड़ के लिए आरक्षित किया जाएगा।
- जिले में पीएचसी व वार्ड स्तर पर डोर टू डोर सर्वे को प्रभावी बनाने के लिए कोविड हैल्थ असिस्टेंट की भर्ती होगी। जिन्हें प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर, पीएचसी, सीएचसी आदि जगहों पर पदस्थापित किया जाएगा।
- जिले में पीएचसी स्तर पर एक रेपिड एंटीजन किट उपलब्ध कराकर आमजन की त्वरित जांच कर उपचार किया जा रहा है।
जिले में बाल रोग चिकित्सक- १२
जिले में मेडिसीन चिकित्सक- २३

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Madhusudan Sharma Bureau Incharge
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