कर्मों की निर्जरा हो जीवन का लक्ष्य

कर्मों की निर्जरा हो जीवन का लक्ष्य

Kumar Jeevendra | Publish: Apr, 17 2019 06:03:56 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 06:03:57 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

अहिंसा यात्रा के तहत विहार कर रहे तेरापंथ धर्म संघ के प्रमुख आचार्य महाश्रमण का मंगलवार को मंदिरों की नगरी मदुरै पहुंचने पर नागरिक अभिनंदन किया गया।

मदुरै. अहिंसा यात्रा के तहत विहार कर रहे तेरापंथ धर्म संघ के प्रमुख आचार्य महाश्रमण का मंगलवार को मंदिरों की नगरी मदुरै पहुंचने पर नागरिक अभिनंदन किया गया। आचार्य के सान्निध्य में बुधवार को भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव आयोजित होगा। आचार्य ने प्रसिद्ध मीनक्षी मंदिर के दर्शन भी किए।
त्यागराज कॉलेज परिसर में नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य ने कहा कि जीवन का लक्ष्य कर्मों की निर्जरा होनी चाहिए। आचार्य ने कहा कि आदमी जीवन जीता है, शरीर को धारण करता है, उसे टिकाए रखने का प्रयास होता है। आचार्य ने कहा कि प्रश्न है कि इस शरीर को टिकाए रखने का प्रयास क्यों? आचार्य ने कहा कि जैन शासन में संलेखना-संथारा भी ग्रहण करते हैं। इस शरीर से साधना हो सकती है।
साधना के लिए शरीर का रहना आवश्यक है। शरीर को रखने के लिए भोजन आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का लक्ष्य होना चाहिए कर्म की निर्जरा और मोक्ष की दिशा में आगे बढऩा। उन्होंने कहा कि भोजन साधना और जीवन के लिए किया जाना चाहिए, जिह्वा के स्वाद के लिए नहीं। आचार्य ने कहा कि जीवन के लिए भोजन चाहिए, भोजन के लिए जीवन नहीं।
इससे पहले अभिनदन समारोह में मुख्य अतिथि व मदुरै मीनाक्षी मंदिर समिति के अध्यक्ष टी. करुमुथु कनन ने भावाभिव्यक्ति दी। आचार्य ने उन्हें अहिंसा यात्रा के मुख्य उद्देश्य सद्भावना, नैतिकता और नशा मुक्ति के बारे में जानकारी दी। कनन को साहित्य भेंटकर सम्मानित किया गया।
कॉलेज परिसर में बुधवार सुबह ९ बजे से जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन होगा।
इन्होंने भी व्यक्त किए विचार
तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष चंद्रकांता कोठारी, आचार्य महाश्रमण महावीर जयंती प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश कोठारी, तेरापंथ युवा परिषद जयंतीलाल जीरावाला, स्थानकवासी जैन संघ के अध्यक्ष नेमीचंद बाफना, सांचा सुमतिनाथ जैन संघ के न्यासी उम्मेद गोलेच्छा, सुमतिनाथ जैन संघ न्यासी नैनमल बालड़, सुमतिनाथ जैन नया मंदिर के न्यासी मूलचंद श्रीश्रीमाल, सभा के कोषाध्यक्ष शांतिलाल बुरड़, अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कुमार गुप्ता, अहमदाबाद से आए जसराज बुरड़, शांताबाई आंचलिया ने भी विचार व्यक्त किए। महिला मंडल, कन्या मंडल, ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों, आमिझरा पाश्र्व मंडल की बालिकाओं, जैन युवा मंच के अध्यक्ष जयंतीलाल कांकरिया, युवक परिषद के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार नाहटा, मास्टर विवान कश्वी कोठारी आदि ने गीतिकाओं व संवादों के जरिए भावों की अभिव्यक्ति दी। अहिंसा यात्रा तमिलनाडु के प्रभारी ज्ञानचंद आंचलिया और अशोक जीरावाला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पहले कामराजसालै रोड से त्यागराज कॉलेज तक अहिंसा रैली निकाली गई।

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