अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प : अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है भारत

अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प : अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है भारत

Kumar Jeevendra | Updated: 07 Aug 2019, 01:53:37 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

अनुच्छेद 370 : लोगों का कहना है कि इससे जम्मू-कश्मीर भी देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरह होगा। संसद के बनाए कानून अब सीधे वहां लागू होंगे।

अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प: Article 370 abrogation आम लोगों ने की सरकार के फैसले की सराहना, देशहित में बताया साहसिक कदम जम्मू-कश्मीर Jammu and Kashmir को विशेष दर्जा देने वाले संविधान Constitution के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को लेकर सोमवार को संसद Parliament के उच्च सदन में पेश किए गए संकल्प और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश में विभाजित करने के प्रस्ताव पर लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इससे जम्मू-कश्मीर भी देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरह होगा। संसद के बनाए कानून अब सीधे वहां लागू होंगे। इस फैसले कश्मीर Kashmir से ( Tamil Nadu ) कन्याकुमारी Kanyakumari तक देश का आत्मीय लगाव एक जैसा हो गया है। पेश है इस मसले पर आम लोगों की राय:

मोदी सरकार ने यह संकल्प लाकर साहसिक और ऐतिहासिक काम किया है। भारत के इतिहास में गलतियों को सुधारने का इससे बड़ा प्रयास इससे पहले कभी नहीं हुआ। इससे न सिर्फ कश्मीर समस्या का समाधान होगा बल्कि सुरक्षा पर होने वाला खर्च भी बचेगा। इससे आम आदमी पर असर पड़ेगा। रास्ता आसान नहीं है। नोटबंदी, जीएसटी के बाद यह तीसरा बड़ा धमाका है। रास्ता कांटों से भरा है। अभी बहुत चलना बाकी है पर हम सही रास्ते पर चल रहे हैं।
नरेंद्र एम रांका, कोयम्बत्तूर
गृह मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया गया संकल्प निश्चित रूप से एक दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक है। इस तरह के निर्णय ही देश की एकता एवं एकरूपता का वातावरण तैयार करते हैं। एक देश एक कानून होना भी चाहिए। व्यक्ति या राज्यों के लिए अलग-अलग कानून बनाकर जो गलती 70 वर्षों पूर्व की गई थी, आज उसका शुद्धिकरण हुआ है। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री ने बहुत ही साहसिक कदम उठाया है
राजकरण गिडिय़ा, कोयम्बत्तूर
अखंड भारत के सपने को साकार करने की दिशा में अंतत: पहला कदम मोदी सरकार ने रख ही दिया। धारा ३७० को हटाने के बाद अब अगला कदम वहां कश्मीरी पंडितों को पुनर्वासित कर कश्मीर का संपूर्ण भारत से मधुर संबंध बनाने का है। साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को वापस भारत में वापस लाना है, जो अब मुमकिन प्रतीत हो रहा है। वाकई अब लगता है कि मोदी है तो मुमकिन है।
नवल टिबरेवाल, कोयम्बम्त्तूर
अनुच्छेद ३७० को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय न सिर्फ साहसिक बल्कि ऐतिहासिक भी है। जम्मू-कश्मीर भारत का राज्य होने के बावजूद ३७० के प्रावधानों के कारण भारत के अन्य राज्यों से अलग लगता था। वहां न तो देश के बाकी हिस्सों के लोग संपत्ति खरीद सकते थे और ना ही वहां के स्थायी नागरिक बन सकते थे। इसी विशेष दर्जे का लाभ उठाकर पाक परस्त अलगाववादी नेता घाटी में आतंकवाद को प्रोत्साहित कर रहे थे। जिससे पूरा क्षेत्र आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब इस निर्णय से घाटी में शांति बहाली में मदद मिलेगी। जम्मू-कश्मीर में नए उद्योग-धंधे शुरू होंगे। बेरोजगारी की समस्या का समाधान होगा। राज्य के सर्वांगीण विकास का रास्ता खुलेगा। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर की आम जनता के हित में है।
गुलाबचंद मेहता, कोयम्बत्तूर
केंद्र सरकार ने धारा ३७० को लेकर साहसिक और सही कदम उठाया है। यह एक चिरप्रतीक्षित निर्णय था। इससे जम्मू-कश्मीर में विकास का राह खुलेगा और आतंकवाद खत्म होगा।
श्रवण बोहरा, अध्यक्ष, कोयम्बत्तूर नार्थ इंडियन संगम
सरकार ने बहुत ही साहसिक कदम उठाया है। जम्मू-कश्मीर राज्य की अस्मिता और राष्ट्र के अभिमान के लिए यह आवश्यक था। नेकनीयत से उठाए गए इस कदम से जम्मू-कश्मीर के विकास की राह खुलेगी। लोगों के जीवनयापन का स्तर सुधरेगा। किसी भी देश के लिए दो संविधान और दो झंडे उचित नहीं है और धारा ३७० को हटाकर सरकार ने इस खामी को दूर किया है। अब सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद के कारण विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास एक बड़ी चुनौती है और यह प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी दलों को इसका समर्थन कर चाहिए क्योंकि यह देश की आवश्यकता है। इससे सबका साथ-सबका विकास का सपना सच होगा।
अटल कुमार गुप्ता, वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, अ.भा. जायसवाल (सर्ववर्गीय) महासभा
सरकार का यह कदम साहसिक है। जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश के लिए यह अतिआवश्यक था। इस फैसले से जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से भारत से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 व 35 ए को हटा कर देश को मजबूती प्रदान की है तथा जम्मू-कश्मीर को दो छोटे राज्यों में तब्दील कर केंद्र शासित प्रदेश बनाकर कश्मीर के लोगों के लिये विकास का रास्ता खोल दिया है। मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बाबा साहेब आम्बेडकर और अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को साकार किया।
पप्पूराम प्रजापत, कोयम्बत्तूर
संविधान सभा में डॉ भीमराव अंबेडकर ने धारा ३७० का समर्थन नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि यह भारत का टुकड़ा करा देगी। आज अंबेडकर की आत्मा खुश होगी। सरकार ने इस धारा को खत्म करने का निर्णय लेकर बढ़ा कदम उठाया है।
मेघ सिंह, कोयम्बत्तूर
धारा ३७० को हटाने से अब कई समस्याओं का समाधान आसानी हो जाएगा। सरकार ने बहुत ही साहसिक कदम उठाया है। इसका दूरगामी असर पड़ेगा।
राजेंद्र भाटिया, कोयम्बत्तूर

मोदी सरकार ने आज हर भारतीय की आकांक्षा पूरी कर दी। मुट्ठी भर अलगाववादी इसी अनुच्छेद के सहारे कश्मीर को देश से अलग होने का सपना देखते रहे हैं। जो समस्या देश के लिए नासूर बनी हुई थी, मोदी सरकार ने उसकी सर्जरी की है। आज सचमुच कश्मीर भारत के साथ जुड़ गया।
प्रकाश सिंह, कोयम्बत्तूर
जम्मू-कश्मीर की जनता का पूर्ण भारतीय होने का सपना आज पूरा हो गया। दोहरी नागरिकता खत्म हो गई। वे कश्मीर के लोग भी बाकी भारतीयों के तरह समापन हैं। धारा ३७० के कारण आत्मीय भाव से भारतीय होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर के लोग भारत से खुद को अलग महसूस करते थे। आज उन्हें इस भावना से मुक्ति मिल गई। अब हम उम्मीद कर सकते हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रहने वाले भी जल्द ही भारतीय कहलाएंगे।
दुर्गाराम सीरवी, कोयम्बत्तूर
भाजपा ने लोकसभा चुनाव में जो वादा किया था और उसे सरकार ने संसद में ३७० हटाने का संकल्प पेश कर पूरा किया। आज सरकार ने नया इतिहास रच दिया। हमें सरकार के कार्यों पर पूरा विश्वास है। बहुत ही सराहनीय कदम है।
कैलाशचंद मित्तल, भूतपूर्व अध्यक्ष, अग्रवाल समाज, कोयम्बत्तूर
कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है ये कल तक सिर्फ कहने को लगता था। अब अभिमान से कह सकते हैं कि कश्मीर हमारा है। आज कश्मीर के नाम में अपनत्व का भाव स्वत: हो रहा है।
पवन अग्रवाल चंगोईवाल, कोयम्बत्तूर
एक देश- एक संविधान की बात आज सच लग रही है। कल तक यह सपना लगता था। यह भाजपा सरकार का ऐतिहासिक फैसला है। धारा ३७० हटने से सभी भारतीयों को गर्व महसूस हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने साहसिक कदम उठाया है। मोदी है तो मुमकिन है वाली बात आज सच साबित हो गई।
कृष्ण मोदी, कोयम्बत्तूर
सरकार ने धारा ३७० को समाप्त करने का बहुत ही अच्छा कदम उठाया। आज का दिन देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। जम्मू-कश्मीर भी अब भारत के बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरह होगा।
पुनीत मित्तल, कोयम्बत्तूर
कश्मीर में धारा 370 को अप्रभावी करने का केंद्र सरकार का कदम स्वागतयोग्य है। पिछले लम्बे समय से ये सुन रहे हैं कि कश्मीर की स्थिति के लिये ये धारा जिम्मेवार है। यदि इस धारा के हटने से कश्मीर की स्थिति सुधरती है तो इस फैसले का स्वागत करना चाहिए।
गोपाल सिंह अराबा, कोयम्बत्तूर
संविधान के अनुच्छेद ३७० और ३५ ए के हट जाने से अब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और भ्रष्टाचार की समस्या खत्म हो जाएगी। सैलानियों के आगमन और बाहरी निवेश से राज्य का विकास होगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। धरती का स्वर्ग कहा जाना वाला कश्मीर अब भारत का स्विटजरलैंड कहलाएगा।
सचिन पूनमिया, कोयम्बत्तूर
केन्द्र सरकार की ओर से उठाए गए कदम से कश्मीर व देश के हालात में बदलाव आएगा। कश्मीर में अब सिर्फ तिरंगा ही लहराएगा। दोहरी नागरिकता जैसी स्थिति बदलेगी। अन्य प्रांतों के लोग भी कश्मीर जाकर रोजी-रोटी तलाशने के प्रयास कर सकेंगे। जम्मू-कश्मीर भी अब देश के दूसरे राज्यों की तरह होगा।
ममता अग्रवाल, कोयम्बत्तूर
सरकार के इस कदम से जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी दृष्टिकोण और आतंकवाद पर लगाम लगेगी। स्थानीय लोगों के मन में डर दूर हटेगा और वे शस्त्र बलों का सहयोग करेंगे, उनका मनोबल बढ़ाएंगे। राष्ट्रीयता व समप्रभुता को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कमल किशोर अग्रवाल, कोयम्बत्तूर
देश का सपना अब पूरा हुआ। कल तक जम्मू-कश्मीर का नाम आतंक से जोड़कर देखा जाता था। भारत का राज्य होने के बावजूद वह बाकी राज्यों से अलग था। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने अनुच्छेद ३७० को हटाने का साहसिक निर्णय लिया है। सरकार ने पूरी कार्य योजना से काम किया और इससे फैसले ने आने वाली पीढिय़ों के लिए धरती पर स्वर्ग के रास्ते खोल दिए हैं।
संतोष अग्रवाल, कोयम्बत्तूर
राज्यसभा में केन्द्र सरकार ने जो प्रस्ताव पेश किया है उसकी देशहित मे बहुत ही आवश्यकता थी। लंबे समय से इसकी जरुरत महसूस की जा रही थी। भाजपा ने ऐसा कर चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा करने के लिए एक और कदम बढ़ाया है। वोट बैंक की राजनीति की परवाह ना करते हुए ऐसा कदम उठाना साहसिक और बड़ा फैसला है। आज सही मायनों में देश पूर्ण रुप से आजाद हुआ है।
अनिता खारीवाल, कोयम्बत्तूर
मुझे लगता है कि धारा ३७० को खत्म करने केे लिए कश्मीरी नागरिकों के हितों का ख्याल रखना चाहिए। यह साहसिक कदम है मगर तानाशाही लंबे समय तक नहीं चलती। मुझे लगता है कि वहां संपत्ति हस्तांतरण संबंधी प्रावधानाओं को अगले १० सालों तक सीमित रखा जाना चाहिए ताकि कश्मीरियों के हितों की रक्षा हो सके। सरकार इस मसले पर बिना स्थानीय लोगों की सहमति के आगे बढ़ी है। जल्दीबाजी के बजाय जनता को विश्वास में लेना चाहिए। विमौद्रीकरण भी ऐसे ही जल्दीबाजी में लागू किया गया था। कश्मीरियों की रक्षा और उनका कल्याण ही आने वाले दिनों में प्राथमिकता होनी चाहिए।
डॉ कैलाश कुमार एम, चार्टड अकांउटेंट कोयम्बत्तूर
आज का दिन भारत वर्ष देश के लिए ऐतिहासिक बन गया। धारा ३७० और ३५ ए के कारण जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा होकर भी अब तक उससे पूरी तरह जुड़ नहीं पाया था। सरकार ने धारा ३७० को खत्म करने का साहसिक निर्णय लिया है। कश्मीर में आज नया सूर्योदय हुआ। देशवासियों की दशकों पुरानी मनोकामना पूरी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इसके लिए बधाई के पात्र हैं।
किशोर. डी. पटेल, उपाध्यक्ष, मदुरै गुजराती समाज
भाजपा सरकार ने आज इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने अखंड भारत के सपने को साकार करते हुए राष्ट्रीयता और भारतीयता को इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए गौरवान्वित कर दिया। असली आजादी आज मिली है। एक देश में एक विधान, एक निशान की व्यवस्था सच हो गया। आज पूर्ण आजादी मिली। सही मायनों में अखंड भारत का सपना सच हुआ।
अमराराम चौधरी,मदुरै
आज जम्मू कश्मीर का पुनर्जन्म हुआ है। पुरानी भूल को सुधारा गया है। आजाद भारत का यह सबसे बड़ा फैसला है। जम्मू-कश्मीर अब राज्य नहीं रहा बल्कि दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने वो कर दिखाया, जो कभी अविश्वसनीय कल्पना के समान था।
भागचन्द बाफणा, मदुरै
आज हमें लगता है कि वास्तव में भारत एक पूर्ण स्वतंत्र देश है। अखंड देश है। इतने दिन हमें ऐसा लगता था जैसे हम स्वतंत्र होते हुए भी कुछ लोगों के हाथों की कठपुतलियां थे। भाजपा ने देश हित में यह कदम उठाया है। यह 56 इंच के सीने का असली काम है। पूरे विश्व में भारत का सम्मान और अधिक बढ़ाया है।
धनराज लोढ़ा, मंत्री, तेरापंथ सभा,मदुरै
आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक सही मायनों में भारत एक हो गया है। पहले ऐसा सिर्फ किताबों में पढ़ते थे लेकिन अब यह सच हो गया है। भाजपा सरकार ने सही और साहसिक फैसला कदम उठाया है। आज लगता है कि जनता ने मोदी को देश का सही शासक चुना।
गणपत लाल राजपुरोहित, महासचिव,राजपुरोहित समाज, मदुरै
केंद्र सरकार का यह निर्णय सही दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने दशकों पुरानी आकांक्षाओं को पूरा किया है। अब जम्मू-कश्मीर में भी संसद से पारित कानून सीधे लागू होगा, वह भी बाकी राज्यों की तरह होगा। इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में रहने वाले लोगों की उन्नति और आगे बढऩे का रास्ता खुलेगा। अब उन्हें सच में भारतीय होने का अहसास होगा।
प्रकाश जैन, प्रदेश महासचिव,तमिल मनिला कांग्रेस (ईरोड)
बहुत ही सराहनीय और साहसिक कदम भारत सरकार ने उठाया है, इस से जम्मू और कश्मीर भारत की मुख्य धारा में आ जाएगा। अब वहां उद्योग-धंधे फल-फूल सकेंगे। रोजगार बढ़ेगा और इससे आतंकवाद खत्म होगा।
लालचंद डागा, सचिव वन बंधु परिषद, ईरोड
जम्मू-कश्मीर पर सरकार ने जो फैसला लिया है वह सराहनीय है। इससे आज भारत संपूर्ण हुआ और विकास का राह खुला। इससे वहां आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थान स्थापित हो सकेंगे और लोगों को शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ मिलेगा। देश में दो झंडे और दोहरी नागरिकता खत्म होने से संपूर्ण समानता आएगी।
कल्पेश राठौड़, ईरोड
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना एक सबसे बड़ा ऐतिहासिक फैसला है। यह देश का मुद्दा है,किसी पार्टी का नहीं। इस मुद्दे पर हम सरकार के साथ हैं। हम मानते हंै कि इस मुद्दे पर सरकार के साथ हर व्यक्ति और हर पार्टी को होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी असली आजादी मिली है।
नरेश जैन, ईरोड
संविधान का अनुच्छेद -370 अब गुजरे जमाने की बात हो गई। ७० सालों में जो नहीं हुआ मोदी सरकार ने अब कर दिया। एक देश में एक संविधान, एक निशान और एक विधान का सपना सच में साकार हुआ।
राजेंद्र कोठारी,सचिव, मिलन, ईरोड

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