परिणाम जानने की उत्सुकता

अंचल के गांवों में गुरुवार को पंचायत चुनावों की गहमागहमी चरम पर रही। पंचायत चुनाव में एक-एक वोट कीमती होता है। मतगणना के दौरान कई ऐसे मौके आए जब वोटों की गिनती के दौरान कार्मिक ने मुहर गलत जगह लगी होने पर रद्द कर दिया पर एजेन्ट उसे अपने उम्मीदवार के पक्ष में मानते हुए अड़ गए।

By: Dilip

Published: 03 Jan 2020, 12:59 PM IST

कोयम्बत्तूर. अंचल के गांवों में गुरुवार को पंचायत चुनावों की गहमागहमी चरम पर रही। पंचायत चुनाव में एक-एक वोट कीमती होता है। मतगणना के दौरान कई ऐसे मौके आए जब वोटों की गिनती के दौरान कार्मिक ने मुहर गलत जगह लगी होने पर रद्द कर दिया पर एजेन्ट उसे अपने उम्मीदवार के पक्ष में मानते हुए अड़ गए। उधर कई प्रत्याशी जब वोटों की गिनती में काफी पीछे रह गए तो घरों को कूच कर गए। वहीं जीत तय मानते हुए कई के समर्थकों ने माला, मिठाई व ढोल -तासों की व्यवस्था कर ली।रात तक चुनाव परिणामों की घोषणा होती रही।
परिणाम जानने की उत्सुकता
गांवों की नई सरकार के बारे में जानने की सभी को उत्सुकता थी। इसके लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी ओर से पूरे इंतजाम किए थे। हालांकि सोशल मीडिया के जरिए भी पल-पल की खबर व मतदान केन्द्रों के बाहर के नजरों के फोटो और वीडियो भी डाले जा रहे थे। खास कर शहरों में आ बसे लोग सोशल मीडिया के जरिए अपने गांवों के परिणामों पर नजर रखे हुए थे। जिला निवार्चन विभाग ने अपने तौर पर व्यवस्था की थी। केन्द्र के सामने बोर्ड लगाए गए।जहां हर निवार्चन क्षेत्र के बारे में जानकारी दी जा रही थी। लाउडस्पीकर के जरिए भी हार-जीत व वोटों के आगे-पीछे की जानकारी दी जा रही थी। इसके अलावा हर मतदान केन्द्रों पर चार -चार कम्प्यूटरकर्मी तैनात किए गए, जो राज्य निर्वाचन विभाग की बेवसाइट पर जानकारी अपडेट करते रहे।
देरी से शुरू हुई गिनती
पंचायत चुनाव के मतगणना केन्द्रों में से कई पर वोटों की गिनती देरी से शुरू हुई। गिनती का समय सुबह आठ बजे तय था। तिरुपुर जिले के पेरियापालयम में मतगणना के लिए तैनात कार्मिकों को सुबह चाय नाश्ते की व्यवस्था नहीं की गई थी। बाद में उनके लिए नाश्ता लाया गया। इसके बाद वोटों की गिनती शुरू हुई। एक अन्य वाकया सुलूर में हुआ। यहां पडवनपल्ली ग्राम पंचायत की मतगणना थी। सभी प्रत्याशियों के एजेन्ट मौजूद थे। इनके सामने जब मतपेटियां लाई गई तो उन पर मोहर नहीं थी। एजेन्टों ने मतगणना की सहमति से इनकार कर दिया। नीलगिरि के कुन्नूर में एक गणना केन्द्र में तो गौर का झुण्ड ही घुस गया। अफरातफरी के हालात के बीच वोटों की गिनती देरी से शुरु हो सकी। सेलम जिले के कोलाथूर गांव में परिणाम की घोषणा में देरी हुई। इस पर लोगों ने रोष जताया। ऐसी ही घटना मदुकराई में हुई। यहां चार घंटे तक परिणाम रोके रखा।

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