नीलगिरि माउंटेन रेलवे लाइन पर हाथियों का डेरा

आम तौर पर कुन्नूर-मेट्टुपालयम सड़क पर घूमने वाले जंबो समय-समय पर भोजन की उपलब्धता के कारण समय-समय पर पर्वतीय रेलवे ट्रैक पर शरण लेते हैं। जब बारिश होती है, तो हाथी रेलमार्ग पर कई सुरंगों में शरण पाते हैं और अगर मौसम खुलता है और धूप निकल आती है तो वे अपने शावकों के साथ घूमते हैं।

By: brajesh tiwari

Published: 20 Jul 2020, 07:26 AM IST

कोयम्बत्तूर. नीलगिरि पर्वत रेलमार्ग पर हाथियों ने अपना नया घर बना लिया है। खाली पड़े इस ट्रैक पर हाथी भोजन-पानी के लिए अपना डेरा जमाए हुए हैं। पिछले मार्च माह से रेल यातायात बंद होने के कारण ट्रैक और इसके आसपास घास उग आई है। जिससे हाथियों को नई और नरम घास खाने को मिल रही है। इसके चलते ट्रैक के आसपास हाथियों की बड़ी संख्या यहां जमा होने लगी है। आम तौर पर कुन्नूर-मेट्टुपालयम सड़क पर घूमने वाले जंबो समय-समय पर भोजन की उपलब्धता के कारण समय-समय पर पर्वतीय रेलवे ट्रैक पर शरण लेते हैं। जब बारिश होती है, तो हाथी रेलमार्ग पर कई सुरंगों में शरण पाते हैं और अगर मौसम खुलता है और धूप निकल आती है तो वे अपने शावकों के साथ घूमते हैं।

नहीं हो रही मरम्मत :


मार्च माह से कोरोना के कारण नीलगिरि रेल बंद है। रेल बंद होने के कारण इस ट्रैक का मेंटेनेंस और रखरखाव का कार्य भी बंद है। रेल मार्ग दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण लोगों की आवाजाही भी नहीं होती है। इसलिए हाथियों को यह रेल ट्रैक सुरक्षित पनाह बन गया है। यहां मानवीय दखल नहीं होने के कारण हाथी सुकून से रह रहे हैं।

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brajesh tiwari Desk
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