दिहाड़ी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच हुई

सिटको, गणपति, सिंगनल्लूर, सरवनम्पट्टी सहित और कई इलाकों में पुलिस विभाग की तरफ से दिहाड़ी मजदूरों की मेडिकल चेकअप की गई जहां बुखार और खांसी की जांच हुई । लॉक डाउन के दौरान बाहरी राज्यों से यहां आकर काम करने वाले कई प्रवासी मजदूर खाना और पानी के बिना यही रह गए।

By: Rahul sharma

Published: 18 Apr 2020, 02:02 PM IST

कोयम्बत्तूर. सिटको, गणपति, सिंगनल्लूर, सरवनम्पट्टी सहित और कई इलाकों में पुलिस विभाग की तरफ से दिहाड़ी मजदूरों की मेडिकल चेकअप की गई जहां बुखार और खांसी की जांच हुई । लॉक डाउन के दौरान बाहरी राज्यों से यहां आकर काम करने वाले कई प्रवासी मजदूर खाना और पानी के बिना यही रह गए। व्यापार व काम बंद होने के कारण अतिआवश्यक चीजें खरीदने के लिए भी उनके पास पैसे नही थे। उस वक्त, सिटको, गणपति, सिंगनल्लूर, सरवनम्पट्टी सहित और कई इलाकों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूरों को पुलिस विभाग की तरफ से खाना और अतिआवश्यक चीजें दिया गया। मजदूरों के सेहत का खयाल रखने के लिए गुरुवार को उनकी मेडिकल चेकअप की गई जिसमें उनकी बुखार और खासी की जांच हुई। इस कैंप में तकरीबन 2000 लोगों की जांच हुई ।

दिव्यांगों को कृषि संघ की तरफ से 3 टन सब्जियां
कोयम्बत्तूर. जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में तमिलनाडु कृषि संघ की तरफ से दिव्यांग कल्याणकारी विभाग अधिकारी को 3 टन सब्जियां सौंपा गया । कोरोना महामारी को काबू में लाने के लिए सबको लॉक डाउन के नियमों का पालन करने की आदेश दि गई, फिर भी कई लोग घर के बाहर निकलते ही हैं क्यूंकि उन्हे अतिआवश्यक चीजें खरीदने की जरूरत है लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो मदद के बिना घर से निकल नही पाएंगे, उनमे दिव्यांग लोग शामिल हैं। इस विकट परिस्थिति में उनकी मदद करने के लिए तमिलनाडु कृषि संघ के तरफ से दिव्यांग कल्याणकारी विभाग अधिकारी चंद्र शेखर को 3 टन सब्जियां दी गई।

Rahul sharma Reporting
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