घर खर्च चलाना हुआ दूभर, सीएम को भेजा ज्ञापन

पिछले दिनों राज्य सरकार ने गरीबों को दो हजार रुपए की नकद सहायता दी थी, लेकिन इस सूची में हजारों भवन निर्माण मजदूरों के नाम ही नहीं है। इसलिए सरकार की योजना का उन्हें फायदा ही नहीं मिला।

By: Dilip

Updated: 23 Apr 2020, 03:50 PM IST

कोयम्बत्तूर. लॉकडाउन ने सभी तरह के कामकाज पर लम्बा ब्रेक लगा दिया है। रोज कमा कर पेट पालने वालों की हालत पस्त हो चुकी है। इनमें भवन निर्माण मजदूर भी शामिल हैं।

हजारों के नाम सूची में नहीं
ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले दिनों राज्य सरकार ने गरीबों को दो हजार रुपए की नकद सहायता दी थी, लेकिन इस सूची में हजारों भवन निर्माण मजदूरों के नाम ही नहीं है। इसलिए सरकार की योजना का उन्हें फायदा ही नहीं मिला।जबकि निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड के जरिए सभी पंजीकृत मजदूरों की सूची प्रशासन को सौंप दी गई थी।ज्ञापन में कहा गया है कि बोर्ड की सूची के आधार पर ही राहत राशि दी जाए तो मजदूरों की सहायता हो सकेगी।


कल्याण बोर्ड की घोषणाओं को करें लागू
संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में याद दिलाया है कि पिछले साल निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड की बैठक में श्रम मंत्री ने आश्वासन दिया था कि मजदूरों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शैक्षिक सहायता, मातृत्व सहायता, विवाह सहायता, कार्यस्थल पर मृत्यु, हादसे में मौत पर राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। मजदूरों को उम्मीद बंधी थी कि उनकी सुनवाई होगी पर इन घोषणाओं को छह माह से अधिक समय हो चुका है पर लागू नहीं की गई हैं। संयुक्त समिति ने मुख्यमंत्री से मजदूरों की हालत को देखते हुए हाथोंहाथ राहत के आदेश जारी करने की मांग की है।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned