जैन मुनि ने किया विहार, श्रावक हुए भावुक

मत जाओ गुरुवर, हम कैसे रहेंगे। तुम बिन हर नम आंखें। मुनि की चातुर्मास के पश्चात रविवार को हुई विदाई के दौरान लोग भावुक हो गए। मानो हर किसी व्यक्ति के मुंह से यही आवाज आ रही थी गुरुवर यहीं रहें। कहीं नहीं जाएं। रविवार को आरजी स्ट्रीट स्थित जैन आराधना भवन में जैन मुनि हितेशंचंद्र विजय व दिव्यचंद्र विजय संघ को भावभीनी विदाई दी गई।

By: Dilip

Published: 06 Jan 2020, 12:06 PM IST

कोयम्बत्तूर. मत जाओ गुरुवर, हम कैसे रहेंगे। तुम बिन हर नम आंखें। मुनि की चातुर्मास के पश्चात रविवार को हुई विदाई के दौरान लोग भावुक हो गए। मानो हर किसी व्यक्ति के मुंह से यही आवाज आ रही थी गुरुवर यहीं रहें। कहीं नहीं जाएं। रविवार को आरजी स्ट्रीट स्थित जैन आराधना भवन में जैन मुनि हितेशंचंद्र विजय व दिव्यचंद्र विजय संघ को भावभीनी विदाई दी गई। इस मौके पर दिए उद्बोधन में वक्ताओं ने चातुर्मास के दौरान हुए धार्मिक कार्यक्रमों का गुणगान किया।
मुनि हितेशचंद्र विजय ने कहा कि समाज की प्रगति का मूल मंत्र एकता है। बिखराव में वह आनंद नहीं जो संगठन में है। क्रिया में भेद हो सकता है, लेकिन धर्म में कोई भेद नहीं हो सकता। इसे समभाव के अपनत्व में अपनाना चाहिए। जीवन का सार आपस का प्रेम - वात्सल्य है। उन्होंने कहा कि चातुर्मास के दौरान जो उन्हें जो प्रेम मिला है वह सदा स्मृति में रहेगा। उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप महामांगलिक करवाई। राजेन्द्र सूरी जैन ट्रस्ट, राजस्थान मूर्ति पूजक संघ व नगर के विभिन्न संघों ने मुनि संघ को पुन: यहां आने का निमंत्रण दिया। अब मुनि संघ का विहार मदुरै की ओर होगा। सोमवार को गौशाला में मुनिजी का प्रवचन होगा। प्रवचन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।

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