वर्चस्व की जंग में तेंदुए ने गवाए प्राण

शहर के करीब 50 किलोमीटर दूर पेरिया तड़ागम के जंगल में वर्चस्व की जंग में एक तेंदुए को प्राण गंवाने पड़े।घटना गुरुवार रात की है। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सुब्रमणियन मंदिर के पास के जंगल में दो तेंदुओं के बीच काफी देर तक संघर्ष की आवाजें आती रहीं।

By: brajesh tiwari

Updated: 18 Apr 2020, 02:37 PM IST

कोयम्बत्तूर. शहर के करीब 50 किलोमीटर दूर पेरिया तड़ागम के जंगल में वर्चस्व की जंग में एक तेंदुए को प्राण गंवाने पड़े।घटना गुरुवार रात की है। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सुब्रमणियन मंदिर के पास के जंगल में दो तेंदुओं के बीच काफी देर तक संघर्ष की आवाजें आती रहीं।सुबह विभाग की टीम जंगल में निकली तो वहां दो साल का तेंदुआ मृत मिला था। खबर मिलने पर विभाग के पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। तेंदुए के शरीर पर झड़प के जख्म थे। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए के शव को जला दिया गया। अधिकारियों ने गश्ती दल को सतर्कता बरतने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि संघर्ष में दूसरा तेंदुआ भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ होगा।उस पर भी निगाह रखनी है।

टैक्सी चालकों ने जिला कलक्टर को दिया ज्ञापन

मदुरै. तमिलनाडु ऑल ड्राईवर एसोसिएशन ने लॉकडाउन के चलते रोजी रोटी के संकट को लेकर एक ज्ञापन जिला कलक्टर टीजी विनय को सौंपा। ज्ञापन में एसोसिएयशन ने उनकी रोजाना होने वाली आय को लेकर चिंता जताते हुए उचित निराकरण की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि लॉकडाउन व धारा १४४ लागू करने के बाद टैक्सियों, ऑटो व कारों के चलने पर पाबंदी लग गई है। इससे उनकी आय का जरिया बिल्कुल बंद होने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ज्ञापन में बताया गया कि करीब २२ हजार चालक विभिन्न टैक्सी चालक हैं। उनके परिवार के लालन पालन के लिए राहत राशि दिलाए जाने की मांग की है।

brajesh tiwari Desk
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