कांटेदार बाड़ में फंसे तेंदुए को बचाया

मेट्टूपलायम के पास रविवार को खेत में घुसने की कोशिश में एक तेंदुआ कांटेदार बाड़ में फंस गया। उसकी गुर्राहट की आवाजें सुन लोग मौके पर पहुंचे और तेंदुए को घायलावस्था में देख वन विभाग को खबर की। सूत्रों ने बताया कि कस्बे के अरिवोली नगर के आसपास काफी दिनों से एक तेंदुआ दिखाई दे रहा था।

By: Rahul sharma

Published: 15 Jun 2020, 02:45 PM IST

कोयम्बत्तूर. मेट्टूपलायम के पास रविवार को खेत में घुसने की कोशिश में एक तेंदुआ कांटेदार बाड़ में फंस गया। उसकी गुर्राहट की आवाजें सुन लोग मौके पर पहुंचे और तेंदुए को घायलावस्था में देख वन विभाग को खबर की। सूत्रों ने बताया कि कस्बे के अरिवोली नगर के आसपास काफी दिनों से एक तेंदुआ दिखाई दे रहा था। इससे लोगों में दहशत थी। खास कर जंगल से सटे खेतों में रहने वाले पशुपालक अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए चिन्तित थे। लोगों ने तेंदुए के बारे में वन विभाग को जानकारी दी थी और उसे पकड़ कर दूर जंगल में छोडऩे का आग्रह किया था। रविवार को जब वन विभाग का दल यहां पहुंचा तो लोगों ने उनसे सवाल जबाव करना शुरु कर दिया। उनका कहना था कि विभाग की अनदेखी की वजह से तेंदुआ कॉलोनी तक में आने लगा है।

विभाग के अधिकारी ने लोगों को शांत किया। इधर तेंदुआ कांटेदार बाड़ से निकलने के लिए छटपटा रहा था। जितनी वह निकलने की कोशिश करता और फंसता जला जाता। विभाग ने काफी प्रयासों के बाद उसे बांड से निकाल लिया। तेंदुए के सिर व पेट में जख्म हुए है। विभाग की रेस्क्यू टीम उसे अपने साथ ले गई। एक वनकर्मी ने बताया कि पहले इसका इलाज होगा। बाद में इसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि किसानों ने फसलों को वन्यजीवों से बचाने के लिए कांटेदार बाड़ लगा रखी है। इनमें जंगली जानवर फंस कर जख्मी हो जाते हैं। मेट्टुपालयम और आसपास के जंगल में बड़ी संख्या में जंगली सूअर, हाथी, हिरण और तेंदुएं हैं। ये दाना -पानी की तलाश में खेतों और आबादी का रूख करते रहते हैं।

Rahul sharma Reporting
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