लॉकडाउन से निर्माण मजदूरों की हालत पस्त

लॉकडाउन ने सभी तरह के कामकाज पर लम्बा ब्रेक लगा दिया है। रोज कमा कर पेट पालने वालों की हालत पस्त हो चुकी है। इनमें भवन निर्माण मजदूर भी शामिल हैं।

By: Dilip

Updated: 23 Apr 2020, 02:26 PM IST

कोयम्बत्तूर. लॉकडाउन ने सभी तरह के कामकाज पर लम्बा ब्रेक लगा दिया है। रोज कमा कर पेट पालने वालों की हालत पस्त हो चुकी है। इनमें भवन निर्माण मजदूर भी शामिल हैं।
निर्माण श्रमिक संघों की संयुक्त समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को अपनी हालत बयां करते हुए राज्य सरकार से गुहार लगाई है। जिला कलक्टर के जरिए मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सभी निर्माण श्रमिकों को राहत राशि देने का अनुरोध किया है।

कोयम्बत्तूर में एक लाख से अधिक श्रमिक
संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि कोयम्बत्तूर शहर में ही एक लाख से अधिक भवन निर्माण मजदूर हैं। इनमें बड़ी संख्या आसपास के गांव-कस्बों के निवासियों की है। जो यहां कच्ची बस्तियों में गुजर बसर करते हैं। हजारों ऐसे मजदूर भी हैं, जिनका बसेरा निर्माण स्थल ही होता है। करीब एक माह से काम बंद होने से इनकी जेब में धेला भी नहीं बचा है। परिचितों से उधार लेकर काम चला रहे हैं पर अब कोई उधार देने को तैयार नहीं है। ऐसे हालात में राज्य सरकार को तत्काल राहत राशि जारी करनी चाहिए।

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