वीरप्पन के गढ़ रहे जंगल में रात गुजार सकेंगे सैलानी

वीरप्पन के गढ़ रहे जंगल में रात गुजार सकेंगे सैलानी

Kumar Jeevendra | Publish: Jul, 26 2019 01:42:03 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

कभी चंदन तस्कर वीरप्पन का गढ़ रहा सत्यमंगलम वन क्षेत्र अब सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। सैलानियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अब वन विभाग ने नई सुविधा शुरू की है। ईको-टूरिज्म के तहत शुरू की गई जंगल लॉज जैसी व्यवस्था के तहत पर्यटक वन क्षेत्र में रात गुजार सकेंगे ।

कोयम्बत्तूर. कभी चंदन तस्कर वीरप्पन का गढ़ रहा सत्यमंगलम वन क्षेत्र अब सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। सैलानियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अब वन विभाग ने नई सुविधा शुरू की है। ईको-टूरिज्म के तहत शुरू की गई जंगल लॉज जैसी व्यवस्था के तहत पर्यटक वन क्षेत्र में रात गुजार सकेंगे। जंगल में रात्रि विश्राम के इच्छुक पर्यटकों को STR सत्यमंगलम बाघ अभ्यारण्य क्षेत्र (एसटीआर) Sathyamangalam forest क्षेत्र में वन विभाग के छह अतिथि गृहों में ठहराया जाएगा। रात्रि विश्राम करने वाले पर्यटकों को वन विभाग जंगल की सैर भी कराएगा।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एसटीआर में माया इको टूरिज्म नाम से नया कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का नाम एसटीआर की जीवन रेखा कही जाने वाली मोयर नदी के नाम पर रखा गया है। यह दोहरा पैकेज है जिसमें वन विभाग के अतिथि गृहों में रात्रि विश्राम के साथ ही सफारी भी शामिल है। दो लोगों के लिए इसका शुल्क छह हजार रुपए होगा और बच्चों या अतिरिक्त व्यक्तियों के लिए दो-दो हजार रुपए लगेगा। सैलानी जीराहल्ली और कदम्बूर में स्थित दो-दो अतिथिगृहों के अलावा तलामलै और हसनूर में भी रात्रि विश्राम के लिए ऑनलाइन कमरा बुक कर सकते हैं। रात्रि विश्राम करने वाले सैलानियों को आतिथ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने एक गैर सरकारी संगठन के साथ करार किया है। सैलानी रात्रि विश्राम के लिए शाम ४ से ५ बजे के बीच अतिथिगृह पहुंच सकते हैं। अतिथि गृह पहुंचने पर सैलानियों को स्नैक के साथ चाय दिया जाएगा और उसके बाद उन्हें जंगल सफारी के तहत वन विभाग के वाहन में जंगल के एक-डेढ़ घंटे की सैर के लिए ले जाया जाएगा। अगले दिन सुबह सैलानियों को पक्षियों व तितिलियों को देखने के लिए ले जाया जाएगा। रात में भोजन, सुबह में चाय-स्नैक और नाश्ता भी सैलानियों को मिलेगा। सैलानियों को सुबह 10 बजे अतिथिगृह छोडऩा होगा।
नागनाथन के मुताबिक सफारी सेवा सुबह सात बजे से दोपहर ३ बजे तक उपलब्ध होगी। सैलानी पांच मार्गों में से अपनी रूचि के हिसाब से कोई भी मार्ग चुन सकते हैं।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned