ऑर्डर हो रहे कैंसिल

दो माह से श्रमिकों को आश्रय देने, भोजन व्यवस्था व वेतन देने के कारण कुछ नियोजन स्थलों पर श्रमिक रुके हुए हैं। गृह राज्य में जाकर कुछ दिन बाद रोजगार की चिंता सताएगी। इसलिए श्रमिकों को रोजगार के लिए फिर से निकला ही होगा। इसके लिए सरकार को व नियोजकों को उन्हें मोटिवेट करना होगा

By: Dilip

Published: 24 May 2020, 12:42 PM IST

कोयम्बत्तूर . उद्योग जगत को फिर पटरी पर लाना टेढ़ी खीर बनता जा रहा है। मौजूदा परिस्थितियों क्या ऐसे उपाय करे जिससे श्रमिकों से संबंध बरकरार रहें या वह क्या ऐसी विशेष सहूलियतें और दे जो श्रमिक को कार्य स्थल तक वापस खींच सकें

स्पिनिंग मिल संचालक राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि रिटेलिंग बंद हो गइ है। पुराने ऑर्डर कैंसिल हो रहे हैं नए मिल नहीं रहे हैं। ऐसे में उद्योग को संचालित करने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। दो माह से श्रमिकों को आश्रय देने, भोजन व्यवस्था व वेतन देने के कारण कुछ नियोजन स्थलों पर श्रमिक रुके हुए हैं। गृह राज्य में जाकर कुछ दिन बाद रोजगार की चिंता सताएगी। इसलिए श्रमिकों को रोजगार के लिए फिर से निकला ही होगा। इसके लिए सरकार को व नियोजकों को उन्हें मोटिवेट करना होगा ताकि वह पुन: रोजगार के लिए कार्य स्थलों पर पहुंच सके।

बड़ा व्यापारिक केन्द्र है कोयम्बत्तूर
कोयम्बत्तूर में टैक्सटाईल स्पिनिंग व विविंंग प्रोसेसिंग, एग्रो पंप व वेट ग्राइंडर उद्योग प्रमुख कहे जा सकते हैं। वैसे कोयम्बत्तूर रेडीमेड गारमेंट्स, साड़ी उद्योग, कोलकाता व मुंबई से आर्टिफिशियल ज्चैलरी सहित मंडी अनाज आदि वस्तुओं का बड़ा व्यापारिक केन्द्र है। शहर की सीमा से लगा करीब 50 किमी दूर तिरुपुर लुधियाना के बाद हॉजरी व टैक्सटाइल का दूसरा बड़ा बाजार कहा जा सकता है। जहां उत्पादन से लेकर ट्रेडिंग व नामी कंपनियों के हॉजरी उत्पादन का मुख्य केन्द्र हैं। उद्यमियों का कहना है कि अभी उद्योग जगत को पटरी पर आने में दो माह तक का समय लग सकता है।

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