सुनवाई की आस में कलक्ट्रेट पहुंचे लोग

सुनवाई की आस में कलक्ट्रेट पहुंचे लोग

Kumar Jeevendra | Publish: Apr, 23 2019 12:48:38 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

समस्याओं की निराकरण की आस में सोमवार को लोग कलक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि अभी भी आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण जनसुनवाई
स्थगित है। इसके बाद भी जब पीडि़त वहां पहुंचे तो उनकी शिकायतें ली गई।एक दम्पती अपने दो बच्चों के साथ जब कलक्ट्रेट पहुंचा तो उसे गेट पर ही रोक दिया गया।

कोयम्बत्तूर. समस्याओं की निराकरण की आस में सोमवार को लोग कलक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि अभी भी आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण जनसुनवाई
स्थगित है। इसके बाद भी जब पीडि़त वहां पहुंचे तो उनकी शिकायतें ली गई।एक दम्पती अपने दो बच्चों के साथ जब कलक्ट्रेट पहुंचा तो उसे गेट पर ही रोक दिया गया।उसे बताया गया कि आचार संहिता निष्प्रभावी होने के बाद ही हर सोमवार को फिर से जनसुनवाई का सिलसिला शुरु होगा। लेकिन दम्पती ने एक नहीं सुनी और दोनों बच्चों के सामने कलक्ट्रेट के गेट के सामने धरने पर बैठ गया।परिवार के मुखिया सुलूर निवासी सेंथिलकुमार ने बताया कि सुलूर में सरकारी अस्पताल के पास उसकी जमीन है। सेंथिल का आरोप है कि उसकी जमीन को अस्पताल में ही कार्यरत एक चिकित्सक हड़पना चाहता है। वह बदमाशों को जरिए उसे धमका दे रहा है। सेंथिल ने बताया कि उसने अधिकारियों से गुहार लगाई पर किसी ने नहीं सुनी। अंतत: उसे कलक्ट्रेट आना पड़ा। उसके साथ पत्नी थेनोजी,बेटे जय आदित्य और जीवन आदित्य थे। चारों हाथों में अपनी मांग लिखे कार्ड लिएहुए थे। वे इंसाफ की आस में कलक्ट्रेट के बाहर ही बैठ गए। बाद में कलक्ट्रेट के कर्मचारी ने उनका शिकायती पत्र लिया व कार्रवाई का भरोसा दिया।
इसी तरह कुंभकोणम निवासी दम्पती मुरुगेसन और हेमा अपने बच्चे के साथ सहायता की आस में कलक्ट्रेट पहुंचे। दोनों यहां सोमनूर इलाके में एक कताई मिल में काम करते थे।मुरुगेसन ने बताया कि पिछले दिनों उनका चार साल का बच्चा रितेश फैक्ट्री परिसर में खेल रहा था। इस दौरान एक मशीन में हाथ आने से उसकी चार अंगुलियां को ऑपरेशन के जरिए हटाना पड़ा। मिल मालिक ने मुआवजे के नाम पर दस हजार रुपए दिए। लेकिन उपचार में पैसों की जरूरत है। मिल मालिक ने और पैसे देने से इनकार कर दिया। साथ ही नौकरी से भी निकाल दिया। दम्पती ने जिला प्रशासन से बच्चे का मुफ्त इलाज कराने और कृत्रिम अंग लगवाने की मांग की।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned