रथयात्रा में उमड़े भक्त

रथयात्रा में उमड़े भक्त

Kumar Jeevendra | Publish: Apr, 17 2019 06:28:05 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 06:28:06 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

चित्र तेर तिरू विला पर्व के तहत मंगलवार को ऊटी में मारीयमन माता की रथ यात्रा में भक्त उमड़ पड़े। जिला कलक्टर इनोसेंट दिव्या ने रस्सा खींच कर रथ को रवाना किया ।

ऊटी. चित्र तेर तिरू विला पर्व के तहत मंगलवार को ऊटी में मारीयमन माता की रथ यात्रा में भक्त उमड़ पड़े। जिला कलक्टर इनोसेंट दिव्या ने रस्सा खींच कर रथ को रवाना किया ।
रास्ते में जगह-जगह पर भक्तों ने पूजा-अर्चना की सुख -समृद्धि की कामना की।शहर सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए ऊटी पहुंंचे। दिन भर यहां मेले जैसा माहौल रहा। ऊटी आए कईसैलानी भी रथयात्रा में शामिल हुए।जयकारों के साथ भक्त भजन कीर्तन करते चल रहे थे।यात्रा मार्केट जंक्शन, वैरायटी हॉल, मनिगुंड चौराहा, शान्ति गुरू देव चौराहे मुख्य मार्गों से होते हुए बुधवार सुबह मन्दिर पहुंचेगी।

सम्यक दर्शन के बिना मोक्ष संभव नहीं
कोयम्बत्तूर. जैनाचार्य विजय रत्न सूरीश्वर ने मंगलवार को नवपद ओली के छठवें दिन सम्यक दर्शन पद की महत्ता समझाई।
पाश्र्वनाथ जैन भवन में आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार करोड़ रुपए के चेक पर यदि हस्ताक्षर नहीं है तो उस चेक की कोई कीमत नहीं। यदि हस्तक्षर है तो प्रत्येक अंक के बाद लगने वाली शून्य की कीमत दस गुना तक बढ जाती है। इसी तरह जीवन में ज्ञान ,चारित्र तप -त्याग आदि की कीमत सम्यक दर्शन के आधार पर है। सम्यक दर्शन के अभाव में सारी दुनिया का ज्ञान , कठोर चारित्र व तप की कोई विशेष कीमत नहीं है।
जैनाचार्य ने कहा कि चारित्र के बिना किसी विशेष संयोगों में जीवात्मा का मोक्ष हो सकता है। पर सम्यक दर्शन के बिना जीवात्मा का मोक्ष नहीं हो सकता।एक बार भी सम्यक दर्शन प्राप्त होने पर जीवात्मा का सागर जितना संसार परिभ्रमण बिन्दू की तरह सीमित हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में सम्यक दर्शन आने पर जीवात्मा की मनोवृत्ति बदल जाती है।उसे किसी के प्रति भी बैर नहीं होता।उशका हृदय दुखी को देख कर द्रवित हो जाता है और परमात्मा के वचनों पर पूर्ण श्रद्धा होती है।ऐसे सम्यक दर्शन को प्राप्त करने के लिए ज्ञानाभ्यास करना जरूरी है।
सभा में बताया गया कि गुरुवार को आचार्य प्रेम सूरीश्वर के आचार्य पद व आचार्य रामचन्द्र के उपाध्याय पद स्मृति और चारित्र पद की आराधना के क्रम में आयंबिल तप होंगे।
जन्म कल्याणक रथयात्रा आज
भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के उपलक्ष्य में बुधवार को यहां रथयात्रा का आयोजन होगा।सुबह साढ़े आठ बजे रथयात्रा प्रारंभ होगी।बाद ंमें शंकर नगर स्थित महावीर भवन में धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा।इस मौके पर आचार्य विजय रत्न सूरीश्वर की लिखित अंग्रेजी पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।

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