झांकियां सजाईं , शहरवासी उमड़े परेड देखने

कोवई विजा 2020 की रंगारंग परेड में लगभग दस प्रांत के लोगों ने भाग लिया। सभी प्रांत के लोगों ने अपने-अपने प्रदेश की संस्कृति और कल्चरल को लेकर झांकियां निकाली। इसमें राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी और केरल की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

By: Dilip

Published: 06 Jan 2020, 11:53 AM IST

कोयम्बत्तूर. कहीं राजस्थानी का घूमर, तो कहीं गुजराती गरबे, कहीं पंजाबी गिद्दा और कोंकर्ण की पारंपरिक धुन पर थिरकते कलाकार। ऐसा लगा मानो देश की विभिन्न संस्कृति कोयम्बत्तूर की सरजमीं पर उतर आई हो। यह नजारा था कोवई विजा 2020 की रंगारंग परेड का। पेरड में लगभग दस प्रांत के लोगों ने भाग लिया। सभी प्रांत के लोगों ने अपने-अपने प्रदेश की संस्कृति और कल्चरल को लेकर झांकियां निकाली। इसमें राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी और केरल की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। राजस्थानी और गुजराती समाज के नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। वहीं पंजाबी समाज के गिद्दा भी देखने लायक रहा।
बैंड और अखाड़े का आयोजन
परेड में बैडं और अखाड़े का आयोजन किया गया। बैंड बाजों ने अपनी धुन से सबका मन मोहा वहीं स्थानीय अखाड़ों ने खूब कर्तब दिखाए। मलयाली समाज के पारंपरिक नृत्या और साजबाज ने अलग छटा बिखेर दी।

शहरवासी उमड़े परेड देखने
कोवई के इस कार्यक्रम को देखने शहर के लोगों में खासा उत्साह नजर आया। यहां रेसकोर्स मार्ग पर लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर परेड का स्वागत किया। झांकियों की फोटो भी मोबाइल में कैद करते नजर आए। वहीं झांकियों में शामिल लोगों की सेवा के लिए भी अच्छे इंतजाम किए गए। जगह-जगह पर पानी और ठंडाई की व्यवस्था की गई थी। परेड के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रही।
नेवी ने दिया बोट शो
कोवई विजा के दौरान नेवी के जवानों ने झील में बोट शो का आयोजन किया। कोच्ची से आए नेवी में 11 सदस्यी दल ने रविवार नौ बजे से शो शुरू किया जो एक घंटे तक चला। इस दौरान पाचं बोट की टीम ने कई हैरतआंगे कारनामे किए। बोट शो को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।

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