मरिअम्मल ने अपने दम पर थाईलैण्ड में बंधुआ दूसरे बेटे को भी आजाद कराया

मरिअम्मल ने अपने दम पर थाईलैण्ड में बंधुआ दूसरे बेटे को भी आजाद कराया

Kumar Jeevendra | Updated: 10 Jul 2019, 01:07:09 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

Resolute mother rescues another son from bonded labour in Thailand without any help from Centre - एक मां अपने बेटों के लिए क्या कर सकती है। यह कुलथीपालयम निवासी मरिअम्मल ने थाईलैण्ड में बंधुआ मजदूर
अपने दूसरे बेटे मणितुरै को भी अपने दम पर आजाद करा साबित कर दिया।

कोयम्बत्तूर. एक मां अपने बेटों के लिए क्या कर सकती है। यह कुलथीपालयम निवासी मरिअम्मल ने थाईलैण्ड Thailand में बंधुआ मजदूर
अपने दूसरे बेटे मणितुरै को भी अपने दम पर आजाद करा साबित कर दिया। हालांकि विदेश मंत्री जयशंकर ने एक पखवाड़े पूर्व महिला को भरोसा दिलाया था कि केन्द्र सरकार मणितुरै की सकुशल भारत वापसी के लिए हर संभव सहायता करेगी। लेकिन मरिअम्मल ने बताया कि उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। बेटे को छुड़ाने के लिए उसने अपने दम पर 58 हजार रुपए जुटा कर अदा किए।
थाईलैण्ड bonded labour in Thailand में जिस होटल में मणितुरै बंधुआ के रुप में काम कर रहा था। Coimbatore उसके मालिक से पैसों की बातचीत से लेकर वहां से बेटे भारत वापसी के लिए हर प्रयास मरिअम्मल ने खुद किए। mother rescues another son इससे पहले वह अपने छोटे बेटे के भी मोटी रकम अदा कर भारत वापसी करा चुकी है।सूत्रों के अनुसार घटना की शुरुआत छह माह पहले हुई थी। तिरुपुर में एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाली मरिअम्मल को एक एजेन्ट ने बताया कि वह उसके दोनों बेटों मणितुरै (२३) और मणिंकदन (२१) को थाईलैण्ड भिजवा सकता है। वहां गारमेंट फैक्ट्री में भारत की तुलना में अच्छा वेतन मिलता है। बेटों के भविष्य की खातिर वह तैयार हो गई।उसने एजेंट को इसके लिए 2.70 लाख रुपए दिए थे लेकिन एजेंट फर्जी निकला। थाईलैंड पहुंचने के पर एजेन्ट गारमेंट फैक्ट्री में तो नौकरी नहीं दिलवा सका, पर दोनों भाइयों को एक होटल में काम दिलवाया। बाद में पता लगा कि होटल पर उनसे बंधुआ मजदूर की तरह काम लिया जा रहा है। उन्हें न तो तनख्वाह मिलती है न अन्य सुविधा ।
बाद में वहां मणिकंदन की तबीयत खराब रहने लगी। इसकी जानकारी मरिअम्मल को मिली तो उसने बेटे को वापस भारत लाने की कोशिशुरु कर दी। ( Tamil Nadu ) होटल मालिक से सम्पर्क किया तो उसने अस्सी हजार रुपए मांगे ।मरिअम्मल ने बेटे के लिए ८० हजार रुपए जुटाए और उसे भारत बुलवा लिया, लेकिन पैसे की तंगी की वजह से वह बड़े बेटे को नहीं छुड़वा पाई। मरिअम्मल ने पुलिस में भी शिकायत की लेकिन वहां सुनवाईनहीं हुई। Coimbatore पिछले माह तिरुपुर कलक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान उसकी व्यथा का पता मीडिया को लगा।
खबर प्रकाशित होने पर विदेश मंत्री जयशंकर without any help from Centre के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने महिला को मदद का भरोसा दिया। जयशंकर ने ट्वीट में कहा कि मणितुरै को थाईलैंड से निकालने के लिए भारतीय दूतावास हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा और उसके परिवार को भी समय-समय पर प्रगति से अवगत कराया जाएगा। ( Tamil Nadu ) मरिअम्मल के अनुसार ऐसा कुछ नहीं हुआ। सभी वादे झूठे निकले। उसने बड़े बेटे की स्वदेश वापसी के लिए भी हजारों रुपए होटल मालिक को दिए।

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