हर दौर में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण

विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक का महत्व माता-पिता के समतुल्य माना गया है।
जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में खास मुकाम हासिल करने वाले सफल विद्यार्थी अपने उन शिक्षकों को कभी नहीं भूलते जिनके मार्गदर्शन से उन्होंने सफलता अर्जित की। वहीं शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों की सफलता से फूले नहीं समाते।

By: Rahul sharma

Published: 05 Sep 2019, 02:16 PM IST

कोयम्बत्तूर. विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक Teacher का महत्व माता-पिता के समतुल्य माना गया है।
जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में खास मुकाम हासिल करने वाले सफल विद्यार्थी Student अपने उन शिक्षकों को कभी नहीं भूलते जिनके मार्गदर्शन से उन्होंने सफलता अर्जित की। वहीं शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों की सफलता से फूले नहीं समाते। Teachers day
समय के साथ पढाई के तरीकों में बदलाव हुआ तो विद्यार्थियों व शिक्षकों का नजरिया भी बदला है। शिक्षक दिवस के अवसर पर खुद छात्र-छात्राओं,अभिभावकों व शिक्षकों ने बताया कि वे क्या सोचते हैं।
विद्यार्थी चाहते है कि शिक्षक मार्गदर्शक के साथ मित्र की तरह पेश आए। छात्र -छात्राएं कहते है कि अब विस्तृत अध्ययन के लिए वेबसाइट हैं। हर सवाल का उत्तर पलक झपकते ही मौजूद हैं।
अभिभावक भी मानते है कि अब मोबाइल व सोशल मीडिया का दखल बढ़ता जा रहा है। इनके साथ ही अभिभावकों व शिक्षकों को अपनी भूमिका सिद्ध करनी होगी।




समय के हिसाब से सबको बदलना पड़ता है। ऐसे ही छात्र -छात्राओं के हिसाब से एक शिक्षक को अपने न•ारिए में बदलाव लाना •ारूरी है। बच्चे चाहते हैं कि उनकी सोच को उड़ान देने के लिए उनके साथ कोई ऐसा हो जो उनके बातें समझे और निर्णय का सम्मान करें। ऐसे ही एक बच्चा खुद और खुद के निर्णय पर भरोसा करना सीखता है।
स्नेहा छात्रा, अमृता विश्व विद्यापीठम,

पहले के दौर में पढ़ाई के लिए बच्चे शिक्षकों पर निर्भर रहे लेकिन आजकल के बच्चों को सिखाने के लिए सोशल मीडिया भी है। इस दौरा में छात्र-छात्रों की रुचि खेल कूद में कम होती जा रही है। उन्हें प्रेरित करना होगा।
डॉ. बी एल शिवकुमार प्राचार्य, रामकृष्णा पॉलिटेक्निक कॉलेज

हर दौर में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण

एक शिक्षक होने के नातेे आज-कल के बच्चों को नैतिक मूल्य सिखाना बहुत ही आवश्यक हैं, क्योंकि पढ़ाई लिखाई करने के लिए उनके पास सामग्री बहुत ज्यादा है लेकिन उसका सही उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन की जरूरत है।
डॉ. पद्मावती. असिस्सटेंट प्रोफसर, पीएसजीआर कृष्णाम्माल कॉलेज

हर दौर में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण

बदलाव चाहे बच्चों में हो या पीढ़ी में, एक शिक्षक की हमेशा वही भूमिका रहेगी जैसे पहले हुआ करती थी। बच्चों में छुपे हुनर को बाहर लाने में एक शिक्षक का ही हाथ होता है। एक शिक्षक के दिखाए रास्ते पर ही बच्चे चलते हैं। इसलिए पीढिय़ों के बदलने से या समय के बदलने से शिक्षकों की भूमिका में कोई बदलाव नही होता।
केरोल मेरी छात्रा, सीएमएस कॉलेज

हर दौर में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण

आजकल के बच्चों पर पढ़ाई का बोझज्यादा है, उन्हें घर से ज्यादा वक्त स्कूल व कोचिंग सेन्टर पर बिताना पड़ता है। ऐसे में माता पिता से ज्यादा बच्चों पर शिक्षकों के सीख का असर होता है। चाहे वे उन्हे दोस्त बनकर मार्गदर्शन करें या अध्यापक बनकर।बच्चों के भविष्य संवारना का जिम्मा शिक्षक का है।
बीना,गृहणी, आर.एस.पुरम

हर दौर में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण

समय के हिसाब से सबको बदलना पड़ता है। ऐसे ही छात्र -छात्राओं के हिसाब से एक शिक्षक को अपने नजरिए में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चे चाहते हैं कि उनकी सोच को उड़ान देने के लिए उनके साथ कोई ऐसा हो जो उनके बातें समझे और निर्णय का सम्मान करें। ऐसे ही एक बच्चा खुद और खुद के निर्णय पर भरोसा करना सीखता है।
स्नेहा छात्रा, अमृता विश्व विद्यापीठम

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