समय रहते अवैध दीवार को गिरा दिया जाता तो टल सकता था हादसा

द्रविड़ मुनेत्र कषगम के प्रमुख स्टालिन ने कहा है कि यदि सम्बन्धित मंत्री, जिला प्रशासन व अधिकारी नाड्डूर में अवैध दीवार के मामले में कार्रवाई करते तो 17 लोगों की जान बच सकती थी।

कोयम्बत्तूर. द्रविड़ मुनेत्र कषगम के प्रमुख स्टालिन ने कहा है कि यदि सम्बन्धित मंत्री, जिला प्रशासन व अधिकारी नाड्डूर में अवैध दीवार के मामले में कार्रवाई करते तो १७ लोगों की जान बच सकती थी। स्टालिन मंगलवार को नाडडिूर पहुंचे और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि दीवार के बारे में ग्रामीण कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह लापरवाही घातक साबित हुई । अवैध दीवार तीन मकानों पर गिरी और 17 लोगों की जान चली गई। डीएमके प्रमुख ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि हादसे के लिए मंत्री व अधिकारी जिम्मेदार हैं। राज्य सरकार को इस मामले की जांच करानी चाहिए।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदन हीन है। सोमवार को लोग जब लापरवाह दीवार के भूमि मालिक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, तो उन्हें बल पूर्वक खदेड़ दिया गया, यह अमानवीय है। स्टालिन ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। जिनके मकान ढहे हैं। उन्हें नए मकान दिए जाएं। आर्थिक सहायता की राशि भी बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने दीवार के भूमि मालिक को गिरफ्तार करने की भी मांग की। उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के मेट्टूपालयम के पास नाड्डूर गांव में तीन कच्चे मकानों पर एक दीवार के गिर जाने से १७ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें तीन बच्चे और एक ही परिवार के सात लोग शामिल थे।

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