फीकी पड़ी टमाटर की लाली, किसान परेशान

फीकी पड़ी टमाटर की लाली, किसान परेशान
फीकी पड़ी टमाटर की लाली, किसान परेशान

Rahul sharma | Updated: 11 Sep 2019, 05:11:27 PM (IST) Coimbatore, Coimbatore, Tamil Nadu, India

आसपास के इलाकों में अच्छी पैदावार के कारण टमाटर की लाली फीकी पड़ गई है। टमाटर के भाव में तेजी से गिरावट के कारण किसान काफी परेशान हैं। अधिक पैदावार होने के कारण थोक बाजार में टमाटर के भाव 2 से 5 रुपए प्रति किलोग्राम तक गिर गए हैं।

कोयम्बत्तूर. आसपास के इलाकों में अच्छी पैदावार के कारण टमाटर की लाली फीकी पड़ गई है। टमाटर के भाव में तेजी से गिरावट के कारण किसान काफी परेशान हैं। अधिक पैदावार होने के कारण थोक बाजार में टमाटर के भाव २ से ५ रुपए प्रति किलोग्राम तक गिर गए हैं।
जिले के अलावा तिरुपुर, ईरोड, सेलम और आसपास के इलाकों में काफी तादाद में किसान टमाटर की खेती करते हैं।
अल्पकालिक फसल होने और बाजार में नियमित मांग होने के कारण किसानों को इसमें नुकसान की आशंका कम रहती है। पिछले दो सप्ताह के दौरान थोक बाजार में टमाटर के भाव गिरने के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आम तौर पर तीन महीने में तैयार होने वाली टमाटर की फसल किसानों के लिए अल्पकालिक तौर पर फायदे का सौदा रहता है लेकिन अधिक पैदावार होने के कारण अभी टमाटर के भाव गिर गए हैं। कुछ महीने तक जिन किसानों को टमाटर की खेती से फायदा हो रहा था, उन्हें अब नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछले पखवाड़े अधिक पैदावार होने के कारण थोक मंडी में टमाटर की आवक पांच से सात गुणा तक बढऩे के कारण भाव काफी गिर गया। पहले टमाटर का भाव थोक बाजार में 15 से 25 रुपए प्रति किलोग्राम तक था लेकिन अब यह गिर कर पांच रुपए तक आ गया है। कुछ जगहों पर कम गुणवत्ता वाले या छोटे आकार के टमाटर थोक में २-३ रुपए किलो तक मिल रहे हैं जबकि खुदरा बाजार में इस किस्म के टमाटर 10 से 15 रुपए किलोग्राम तक मिल रहे हैं। एक थोक व्यापारी ने कहा कि अगस्त महीने के तीसरे सप्ताह तक थोक बाजार में २८ किलोग्राम टमाटर का बॉक्स700 रुपए तक बिक रहा था जिसका भाव अब गिर कर 120-150 रुपए तक आ चुका है। ईरोड में किसानों को अच्छे किस्म के टमाटर के लिए २५ रुपए प्रति किलोग्राम तक का भाव मिल रहा था लेकिन अब मुश्किल से उन्हें 5 रुपए का भी भाव नहीं मिल पा रहा है। तिरुपुर जिले के धारापुरम के किसान पिछले सप्ताह तक 15 रुपए किलो तक टमाटर बेच रहे थे लेकिन अब इसका आधा भाव भी नहीं मिल रहा है। एक किसान ने कहा कि टमाटर की खेती में प्रति एकड़ 50 हजार रुपए तक खर्च होता है। पहले 25 रुपए किलो तक भाव मिल रहा था लेकिन अब साधारण किस्म के टमाटर के लिए 3-4 रुपए किलो का भाव ही मिल रहा है। अधिक उत्पादन के कारण व्यापारी कम भाव दे रहे हैं जिसके कारण लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। यही स्थिति रही तो टमाटर की खेती छोडऩे के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। राज्य में टमाटर के पांच मुख्य बाजारों में कोयम्बत्तूर के अलावा पोल्लाची, दिंडीगुल जिले का ओड्डनचत्रम, सेलम जिले का तलैवसल और चेन्नई का कोयम्बडु शामिल है।

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