कल्याणक से होता है आत्मा का कल्याण

महाभिनिष्क्रमणोत्सव के चैथे दिन पंचकल्याणक का पूजन किया गया।

कोयम्बत्तूर. महाभिनिष्क्रमणोत्सव के चैथे दिन पंचकल्याणक का पूजन किया गया। नेहरु विद्यालय के प्रांगण में हुए कार्यक्रम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान मुनि संयमप्रभ विजय ने प्रवचन में कहा कि परमात्मा के हर कल्याणक हमारी आत्मा का कल्याण करने वाले हैं। हर तीर्थंकर भगवान का जन्म मध्यरात्रि को सभी व्यक्ति का आत्मिक उत्थान करने के लिए होता है। परमात्मा की दीक्षा में भगवान ने वर्षीदान देते हुए सभी को दान धर्म का धर्म सिखाया। परमात्मा के केवल ज्ञान यानि तीनों लोक का एक साथ में तीनों काल का ज्ञान होना है यही केवल ज्ञान है। भगवान पार्सवनाथ ने हर रोज एक करोड़ आठ लाख स्वर्ण मुद्राओं को दान किया था। उन्होंने एक साल में 6 करोड़ 48 लाख स्वर्ण मुद्राओं का दान किया। दान लेने वाले सभी भाग्यशाली अपने जीवन में परिर्वतन करते हुए आत्मिक उत्थान करते हैं। कार्यक्रम में दोपहर में मायरा की शोभायात्रा निकाली गई। रविवार को वरघोड़ा निकाला जाएगा।

Rahul sharma Reporting
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