AUS vs IND : विराट ब्रिगेड की हार के पांच बड़े कारण, अगर कोहली ऐसा न करते तो जीत जाता भारत

इस हार के साथ सीरीज 1-1 से बराबर हो गयी है। ऐसे में क्रिकेट पंडितों से लेकर प्रशंसक तक सभी बल्लेबाजी और विराट कोहली के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। आइये जानते हैं कप्तान का वो कौन सा फैसला था जिस वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा।

By: Siddharth Rai

Updated: 18 Dec 2018, 11:26 AM IST

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच पर्थ क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 146 रन से बुरी तरह हरा दिया। इस हार के साथ सीरीज 1-1 से बराबर हो गयी है। ऐसे में क्रिकेट पंडितों से लेकर प्रशंसक तक सभी बल्लेबाजी और विराट कोहली के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। आइये जानते हैं कप्तान का वो कौन सा फैसला था जिस वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा।

बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण मेजबान ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत को करारी हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की इस वर्ष मार्च में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर डरबन में मिली 118 रन की जीत के बाद से टेस्ट में यह पहली जीत है। वहीं, बतौर कप्तान टिम पेन की यह पहली जीत है। भारत के हारने का पहला कारण था विराट कोहली का उमेश यादव को चौथे तेज़ गेंदबाज के रूप में टीम में शामिल करना। उमेश को शामिल करने से एक बल्लेबाज भी काम हो गया और उमेश इस विकेट पर कुछ खास कर भी नहीं पाए।

दूसरा कारण था ऋषब पंत का जिम्मेदारियों को नहीं समझना। दोनों पारियों में पंत गैर जिम्मेदारना शॉट खेल कर आउट हुआ। पंत को समझना होगा ये टेस्ट क्रिकेट है यहां रुक कर खेलना होगा ना की टी20 क्रिकेट की तरह। पंत पहली पारी में अगर थोड़ा संयम बरतते और जिम्मेदारी उठाते तो सायद ऑस्ट्रेलिया को मिली 43 रनों की लीड और कम होती।

तीसरा कारण था दूसरी पारी में ख़राब बल्लेबाजी। दूसरी पारी में भारत का कोई भी बल्लेबाज 30 के अकड़े को पार नहीं कर पाया। ऐसे में भारत को अपनी बल्लेबाजी पर और ध्यान देना होगा।

चौथा कारण था सलामी बल्लेबाजों का लगातार फ्लॉप होना। भारतीय सलामी बल्लेबाज इस मैच में लगातार फ्लॉप रहे। दोनों पारी में सलामी जोड़ी पांच का अकड़ा भी पार नहीं कर पायी। लोकेश राहुल पहली पारी में दो और दूसरी पारी में डक पर आउट हुए। वहीं मुरली विजय पहली में जीरो और दूसरी पारी में 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

इस मैच को हारने का पांचवां और सबसे बड़ा कारण था टीम में कोई भी प्रोफेशनल स्पिनर का मौजूद नहीं होना। अश्विन के चोटिल होने के बाद जडेजा को टीम में शामिल किया जाना चाहिए थे इस से टीम को बल्लेबाजी में भी मदद मिलती और भारत के पास एक अच्छा स्पिन ऑप्शन भी होता। ऑस्ट्रेलिया के लिए नाथन लायन ने सबसे अच्छी गेंदबाजी की है। इस से साबित होता है के पिच में स्पिन गेंदबाजों के लिए कुछ था। लायन को उनकी शानदारी गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। उन्होंने मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम किए।

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