एशियाई खेलों में पदक जीत वापस चाय बेचने के काम पर लगा ये एथलीट, तस्वीरें हुई वायरल

एशियाई खेलों में पदक जीत वापस चाय बेचने के काम पर लगा ये एथलीट, तस्वीरें हुई वायरल

Siddharth Rai | Publish: Sep, 07 2018 12:37:08 PM (IST) क्रिकेट

भारत को एशियाई खेलों में सेपक टाकरा इवेंट में पहली बार पदक जितने वाले हरीश कुमार भारत वापस लौट एक बार फिर चाय बेचने पर मज़बूर हो गए हैं। दिल्ली के मजनू के टीला में रहने वाले हरीश यहां एक छोटी सी चाय की दूकान में काम करते हैं जहां ग्राहक उसे छोटू कहकर बुलाते हैं।

नई दिल्ली। भारत ने इस साल जकार्ता में खेले गए 18वें एशियाई खेलों में कुल 69 पदक जीते। इस संस्करण में 15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कांस्य के साथ कुल 69 पदक जीते जबकि अपनी मेजबानी में 1951 में हुए पहले एशियाई खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य के साथ कुल 51 पदक जीतकर तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया था। इन पदकों में एक पदक भारत के हरीश कुमार का भी है। हरीश ने सेपक टाकरा में पदक जीत भारत के लिए इतिहास रच दिया। लेकिन उनकी खुशियों का यह समय जल्द ही बीता और यह खिलाड़ी एक बार फिर अपनी असल जिंदगी में लौटने को मजबूर हो गया।

मैडल जीत रचा इतिहास अब बेच रहा है चाय
जी हां! भारत को एशियाई खेलों में सेपक टाकरा इवेंट में पहली बार पदक जितने वाले हरीश कुमार भारत वापस लौट एक बार फिर चाय बेचने पर मज़बूर हो गए हैं। दिल्ली के मजनू के टीला में रहने वाले हरीश यहां एक छोटी सी चाय की दूकान में काम करते हैं जहां ग्राहक उसे छोटू कहकर बुलाते हैं। बेहद गरीब परिवार में जन्मे हरीश को अपना परिवार चलने के लिए ये काम करना पड़ता है। पदक जीत हरीश जब स्वदेश वापस लौटे थे तब उनको लेने उनके पड़ोसी पूरी बस लेकर पहुंचे थे। उनको इस मुकाम तक पहुंचने में दो लोगों का बड़ा साथ मिला, एक उनके कोच हेमराज और दूसरे उनके बड़े भाई नवीन। कोच हेमराज उन्हें स्टेडियम आने-जानें का किराया तक देते थे। लड़के ने दोनों को निराश नहीं किया और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई।

 

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दिल्ली सरकार ने की है इनाम देने की घोषणा
बता दें हरीश दिल्ली के रहने वाले हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए जल्द ही दो नीतियां तैयार करेंगी। इन दो नीतियों के तहत सरकार पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और शुरुआती दिनों में युवा प्रतिभा के रूप में पहचाने जाने वाले खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता देगी। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को दिए जाने वाले नकद पुरस्कार में इजाफा किया है। ऐसे में दिल्ली सरकार एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये देगी। इसके अलावा, रजत पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये, तथा कांस्य पदक विजेताओं को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इससे पहले स्वर्ण पदक वालों को 20 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 14 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये दिए जाते थे।

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