IPL 2017: जानें, क्रिकेटर कर्नल धोनी से क्यों नाराज हुए भारतीय सेना के जवान 

सेना ने महेंद्र सिंह धोनी को लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि दे रखी है। मगर सेना के जवानों को तब निराशा हाथ लगी, जब पुणे राइजिंग सुपरजाइंटस की टीम धोनी के बिना उनसे मिलने पहुंची।

पुणे. भारतीय सेना ने महेंद्र सिंह धोनी को लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि दे रखी है। धोनी भी समय-समय पर इस नाते सेना के जवानों के बीच जाते रहते हैं। मगर रविवार को सेना के जवानों को तब निराशा हाथ लगी, जब पुणे राइजिंग सुपरजाइंटस की टीम धोनी के बिना उनसे मिलने पहुंची। मामला पुणे के आर्मी पेरप्लीजिक रीअबिलटैशन सेंटर (पीआरएस) का है। यहां सेना के वैसे जवानों का इलाज किया जाता है, जिन्होंने लड़ाई या दूसरे अहम आर्मी ऑपरेशनों के दौरान अपने शरीर के किसी हिस्सें को खो दिया हो। रविवार को पुणे राइजिंग सुपरजाइंटस टीम के सदस्य इन जवानों से मिलने आएं। मगर टीम के अहम सदस्य और सेना के कर्नल धोनी इस कार्यक्रम में नहीं आएं। 

इंटरनेशनल खिलाड़ी हर प्रोग्राम में शामिल नहीं होतें
धोनी, रहाणे जैसे टीम के बड़े स्टार आर्मी के इस प्रोग्राम में नहीं आएं। इन खिलाड़ियों के न आने का कारण पुछें जाने पर पुणे की टीम के सीइओ रघु अय्यर ने कहा कि इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ी हर प्रोग्राम में शामिल नहीं होतें। आपका यह पुछना गलत है कि वे क्यों नहीं आएं। 

टीम के ये खिलाड़ी पहुंचे आर्मी सेंटर
पुणे की टीम की ओर से अशोक डिंडा, शर्दूल ठाकुर, जयदेव उदानकट स्थानीय राहुल त्रिपाठी जैसे क्रिकेटर आर्मी के इस प्रोग्राम में शामिल हुए। विपरित परिस्थिति में जीवन जी रहे इन जवानों की को देखकर ये खिलाड़ी भावुक हो गए। जयदेव उदानकट ने कहा कि हम सेना के इन जवानों को इनकी हिम्मत के लिए सलाम करतें है। ये देश के रियल हीरो है।  

जवानों की निराशा साफ झलकी
धोनी के न आने की निराशा जवानों के चेहरे पर साफ झलकी। एक जवान ने बताया कि मैं धोनी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। इसी कारण मैं बेसबॉल के मुकाबलों में 7 नंबर की जर्सी पहना करता हूं। आज भी मैंने वही जर्सी पहन रखी है। मैंने सोचा था कि इससे धोनी प्रभावित होंगे। मगर वे नहीं आ पाएं। धोनी के शांत चित स्वभाव के कायल एक जवान का कहना था कि वे भारतीय क्रिकेट टीम के रियल हीरो हैं। जिस तरह वे विपरित स्थितियों में भी शांत रहते हैं, उससे उन्होंने सबके लिए एक बेंचमार्क तैयार किया हैं। मैं आज उनसे मिलकर इसका राज पुछना चाहता था। मगर वे नहीं आए। 

कई जवान है नेशनल चैंम्पियन
आर्मी पेरप्लीजिक रीअबिलटैशन सेंटर के कई जवान पैरालंपिक खेलों के नेशनल चैंम्पियन भी हैं। यहां इन जवानों को बैडमिंटन, बॉस्केटबॉल, तैराकी, एथलिक जैसे खेलों के लिए तैयार किया जाता है। क्रिकेटरों के साथ होन वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेना के इन जवानों के लिए फंड भी जमा करना था। मगर बड़े खिलाड़ियों के न आने से इस प्रोग्राम की रौनक कम रही। 


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