Ishant Sharma बोले, उनसे ज्यादा उनकी पत्नी Pratima Singh है Arjun Award की हकदार

Zaheer Khan के रिटायरमेंट के बाद से Ishant Sharma भारत की शक्तिशाली टेस्ट गेंदबाजी लाइन अप के सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं।

By: Mazkoor

Updated: 26 Aug 2020, 06:19 PM IST

नई दिल्ली : टीम इंडिया (Team India) में टेस्ट क्रिकेट के नियमित सदस्य तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा (Ishant Sharma) उन 27 एथलीटों में शामिल हैं, जिन्हें इस साल का देश का बेहद प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार (Arjun Award) मिलेगा। अर्जुन पुरस्कार 2020 की घोषणा पिछले सप्ताह की गई थी, जिसमें भारतीय महिला टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (Dipti Sharma) का नाम भी शामिल था। वहीं, सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को खेल रत्न सम्मान (Rajiv Gandhi Khel Ratna Award) के लिए चुना है। इसी फेहरिस्त में ईशांत शर्मा का भी नाम है। ईशांत ने भारत के लिए 97 टेस्ट खेले हैं। ईशांत ने अर्जुन पुरस्कार जीतने पर खुशी जताई है।

मेरी पत्नी है इस पुरस्कार की ज्यादा हकदार

ईशांत शर्मा की मानें तो उनका दिल इस देश के प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए उनकी जीवनसाथी यानी उनकी पत्नी को ज्यादा योग्य मानता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया गया है। इसमें इशांत शर्मा अपने दिल की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उनसे ज्यादा इस अवॉर्ड को उनकी पत्नी डिजर्व करती हैं। गौरतलब है कि जहीर खान (Zaheer Khan) के रिटायरमेंट के बाद से ईशांत शर्मा भारत की शक्तिशाली टेस्ट गेंदबाजी लाइनअप के सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं।

प्रतिमा हैं बॉस्केटबॉल प्लेयर

ईशांत बीसीसीआई के ट्विटर हैंडल पर डाले गए वीडियो में यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्हें लगता है कि उनसे ज्यादा उनकी पत्नी प्रतिमा सिंह (Pratima Singh) इस अवॉर्ड की हकदार है। ईशांत ने कहा कि उन्हें यह पुरस्कार मिलने पर वास्तव में उनकी पत्नी गर्व कर रही है, क्योंकि वह वही शख्स हैं, जो वास्तव में सोचती हैं कि उन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए। इसलिए उन्हें लगता है कि उनकी पत्नी इस पुरस्कार की ज्यादा हकदार हैं। बता दें कि ईशांत शर्मा की पत्नी प्रतिमा सिंह भी बॉस्केटबॉल की खिलाड़ी है। वह राष्ट्रीय टीम की सदस्य हैं।

जीत हमारी प्राथमिकता

ईशांत शर्मा ने खेल के अनुभवों को साझा करते हुए कहा है कि सभी टीम की जीत के लिए खेलते हैं और यही उनकी उपलब्धियों का एकमात्र मंत्र है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की गेंदबाजी की मानसिकता पर गौर करें तो पाएंगे कि हम हमेशा इस बारे में सोचते हैं कि खेल कैसे जीता जाए। हमारे लिए जीत ही प्राथमिकता है। हम स्थिति को पढ़ने और उसके अनुसार कार्य करने का प्रयास करते हैं। हम हर बल्लेबाज के अनुसार योजना बनाते हैं और बनाई गई योजना पर अमल करने की कोशिश करते हैं।

परिवार के लिए गर्व का क्षण

मूल रूप से दिल्ली के 31 वर्षीय इशांत शर्मा इस मौके पर अपनी 13 साल की यात्रा को याद करते हुए इस संदर्भ में अपनी भावनायें व्यक्त कीं। भावुक क्रिकेटर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी 13 साल की लंबी यात्रा पर अपने विचार साझा किए और कहा कि उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है। उनके शब्दों में, "जब मुझे पता चला कि मुझे अर्जुन पुरस्कार मिल रहा है, तो मैं बहुत खुश था यहां तक कि खुद पर गर्व है। आप जानते हैं कि पिछले 13 वर्षों से मैंने बहुत मेहनत की है इसलिए यह मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।"

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