MSK Prasad ने Suresh Raina को झूठा करार दिया, बोले- कमरे में बुलाकर बाहर करने की दी थी जानकारी

Suresh Raina ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय चयन समिति ने उनके साथ नाइंसाफी की है। टीम से बाहर रखने का कारण तक नहीं बताया था।

By: Mazkoor

Updated: 05 May 2020, 06:35 PM IST

नई दिल्ली : बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना (Suresh Raina) लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। पिछले साल नीदरलैंड में घुटने का ऑपरेशन कराने वाले रैना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन में अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में वापसी का सपना संजो रहे थे, लेकिन आईपीएल के स्थगित होने से उन्हें करारा झटका लगा है। अपने टीम से बाहर होने पर सुरेश रैना ने सोशल मीडिया पर कहा था कि राष्ट्रीय चयन समिति ने उनके साथ नाइंसाफी की है। फिट होने के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया था। उन्होंने चयन समिति पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि आखिर वह टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं?

रैना के इन आरोपों पर टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) ने एक-एक कर रैना के सारे आरोपों का जवाब दिया है। प्रसाद ने कहा कि 2018-19 के घरेलू सीजन में रैना का प्रदर्शन बहुत बुरा था। उनका यह फॉर्म टीम इंडिया में वापसी के लायक कतई नहीं था। 33 साल के रैना ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।

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सीनियर खिलाड़ियों से ये रहती है उम्मीद

पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने वीवीएस लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा कि 1999 में भारतीय टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद लक्ष्मण ने घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में 1400 रन बनाये। सीनियर खिलाड़ियों से यही उम्मीद की जाती है, जबकि रैना ने 2018-19 के घरेलू सत्र में पांच रणजी मैचों में महज 243 रन बनाए थे। वहीं आईपीएल 2019 में उन्होंने 17 मैचों में 383 रन बनाए थे। इसके अलावा प्रसाद ने मोहिंदर अमरनाथ का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि रैना को देखना चाहिए कि अपने 20 साल के करियर में मोहिंदर अमरनाथ कितनी बार बाहर हुए और फिर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर कितनी बार वापसी की।

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प्रसाद बोले, रणजी मैच देखती है चयन समिति

एमएसके प्रसाद ने कहा कि घरेलू क्रिकेट में रैना जहां फॉर्म में नहीं दिखे, वहीं दूसरे युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया में आने का आना दावा मजबूत कर लिया। रैना ने एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति पर यह आरोप भी लगाया था कि चयनकर्ता रणजी मैच नहीं देखते। इस आरोप के जवाब में प्रसाद ने कहा कि यह सही नहीं है। प्रसाद ने साथ में यह भी कहा कि यह दुखद है कि रैना ऐसा कह रहे हैं कि चयनकर्ता रणजी मैच नहीं देखते। बीसीसीआई से रिकॉर्ड चेक कर लीजिए कि राष्ट्रीय चयन समिति ने पिछले चार साल में कितने मैच देखे हैं। हमारी चयन समिति ने चार साल में 200 से भी ज्यादा रणजी मैच देखे हैं।

रैना से मिलकर दी थी बाहर रखने की जानकारी

प्रसाद ने कहा कि उन्होंने खुद रैना को टीम इंडिया से बाहर करने के बारे में बताया था। प्रसाद ने कहा कि उन्होंने खुद निजी तौर पर रैना को अपने कमरे में बुला कर बात की थी और यह बताया था कि भविष्य में अगर वह वापसी करना चाहते हैं तो चयन समिति की उनसे क्या अपेक्षाएं हैं। तब तो रैना ने उनके प्रयासों की सराहना की थी। अब उनकी बातें सुनकर वह हैरान हैं। प्रसाद ने कहा, जहां तब बात है उत्तर प्रदेश के रणजी मैचों को देखने की तो उन्होंने खुद लखनऊ और कानपुर जाकर पिछले चार साल में उत्तर प्रदेश के चार रणजी मैच देखे हैं।

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