CAB ही नहीं, BCCI भी कराता है अपने खिलाड़ियों की आंखों की जांच

BCCI अधिकारी ने कहा कि CAB की तरफ से उठाया गया यह बहुत अच्छा कदम है, क्योंकि आखिर में तो यह खेल हाथों और आंखों के बीच तालमेल का ही है।

By: Mazkoor

Updated: 02 Jun 2020, 07:52 PM IST

नई दिल्ली : क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने सोमवार को कहा कि कोरोना महामारी के बाद वह अपने तमाम खिलाड़ियों के आंखों का टेस्ट कराएगी। यह बात बंगाल क्रिकेट टीम (Bengal Cricket Team) के कोच अरुण लाल (Arun Lal) ने कही। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत खेल आंखों का है। इसके बाद यह बात सामने आई कि पिछले तीन साल से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी टीम इंडिया (Team India) के सभी क्रिकेटरों की आंखों की जांच (Eye Testing) करा रहा है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि सीएबी ने खिलाड़ियों के हित में बहुत अच्छा कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉन्ट्रैक्ट (BCCI Annual Contract) में आने वाले भारतीय खिलाड़ियों का भी बीसीसीआई पिछले तीन साल से आंखों की जांच कराती आ रही है।

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सभी खिलाड़ियों की होती है जांच

बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि उन्हें लगता है कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की तरफ से उठाया गया यह बहुत अच्छा कदम है, क्योंकि आखिर में तो यह खेल हाथों और आंखों के बीच तालमेल का ही है। उन्होंने आगे कहा कि बीसीसीआई विराट कोहली (Virat Kohli) और उनकी पूरी टीम का पिछले तीन सालों से हर तीन महीने आंखों का टेस्ट करा रही है। यह कॉन्ट्रैक्ट में आने वाले सभी खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य है।

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थोड़ा भी चूके तो होगी मुश्किल

अधिकारी ने कहा कि यह पक्का है कि इस खेल में देखने की ताकत ही असली शक्ति है। अगर किसी को आंखों में तकलीफ होती है तो इसका हल निकालने के लिए लेंस या फिर चश्मे का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस खेल में एक बल्लेबाज को 140 किलो मीटर प्रतिघंटे या उससे भी तेज रफ्तार से आती गेंद का सामना करना होता है और जो देखने में एक सेकेंड की देरी भी भारी पड़ सकती है।

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