कोटला से छिन सकता है विश्वकप सेमीफाइनल

टी20 विश्व का सेमीफाइनल मुकाबला 30 मार्च को फिरोजशाह कोटला मैदान में खेला जाना है

नई दिल्ली। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ(डीडीसीए) एक बार फिर परेशानी में है और संभावना है कि अवैध निर्माण के कारण कानूनी पचड़ें में फंसने के कारण फिरोजशाह कोटला मैदान आईसीसी ट्वंटी 20 विश्वकप में सेमीफाइनल मुकाबले की मेजबानी गंवा सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) ने कोटला में आरपी मेहरा ब्लाक को लेकर डीडीसीए से सफाई मांगी थी और क्रिकेट संघ को अपना जवाब देने के लिए रविवार रात तक की सीमा दी गई थी, लेकिन तय समयसीमा बीत जाने के बावजूद इसपर स्थिति साफ नहीं हुई है।

आईसीसी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने इस पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि विश्वकप के 30 मार्च के सेमीफाइनल मुकाबले की मेजबानी डीडीसीए से छिनने के बाद यह मैच बेंगलुरू में कराया जा सकता है। दरअसल आरपी मेहरा ब्लाक ऐतिहासिक धरोहर कोटला बावली के 100 मीटर के दायरे में बना हुआ है जहां ऊपर और नीचे फ्लोर हैं जो नियमों का उल्लंघन है। डीडीसीए के एक अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से बताया कि यह मामला डीडीसीए और भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) के बीच का मसला है जो फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित पड़ा है।

डीडीसीए अधिकारी ने बताया कि क्रिकेट संघ को रविवार रात तक का समय दिया गया था, जिसमें इस ब्लाक को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन यह मामला अदालत में है इसलिए फिलहाल डीडीसीए कुछ नहीं कह सकता है। इस ब्लाक में दर्शकों की क्षमता करीब 2200 है, लेकिन मामले के अदालत में विचाराधीन होने के बाद यहां हुए पिछले मुकाबले में केवल मीडियाकर्मियों को ही बैठने की इजाजत दी गई थी। डीडीसीए अधिकारी ने साथ ही कहा कि मैच को लेकर अभी तक अनिश्चिता बनी हुई है और यदि यह मुकाबला नहीं होता है तो इससे डीडीसीए को चार से पांच करोड़ रूपए तक का नुकसान हो सकता है। गौरतलब है कि आर्थिक परेशानी से जूझ रहा डीडीसीए पहले ही दिल्ली सरकार के साथ कर विवाद में फंसा हुआ है।

विश्वकप मैचों के आयोजन से जुड़े एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दिल्ली में होने वाले सेमीफाइनल को किसी और स्थान पर कराने की चर्चा चल रही है, क्योंकि आईसीसी इसे लेकर काफी ङ्क्षचतित है क्योंकि वह खाली स्टैंड के रहते मैच कराना नहीं चाहता है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के कारण हम टिकट नहीं बेच सकते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहे हैं जिसे पूरी दुनिया देख रही है और टीवी पर जब खाली स्टैंड दिखेगा तो यह बहुत ही खराब लगेगा।

दरअसल आरपी मेहरा ब्लाक ऐतिहासिक धरोहर कोटला बावली के 100 मीटर के दायरे में बना हुआ है जहां ऊपर और नीचे फ्लोर हैं जो नियमों का उल्लंघन है। डीडीसीए के एक अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से बताया कि यह मामला डीडीसीए और भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) के बीच का मसला है, यह फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित पड़ा है। इस बीच आशंका है कि यदि बीसीसीआई और आईसीसी मैच को दिल्ली से स्थानांतरित कर देता है तो दिल्ली के कुछ और मैच भी डीडीसीए से छिन सकते हैं।

दिल्ली में 26 मार्च को इंग्लैंड और श्रीलंका तथा 28 मार्च को दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका के बीच मुकाबले कोटला में होने हैं। डीडीसीए अधिकारी ने बताया कि क्रिकेट संघ को रविवार रात तक का समय दिया गया था जिसमें इस ब्लाक को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन यह मामला अदालत में है इसलिए फिलहाल डीडीसीए कुछ नहीं कह सकता है। इस ब्लाक में दर्शकों की क्षमता करीब 2200 है, लेकिन मामले के अदालत में विचाराधीन होने के बाद यहां हुए पिछले मुकाबले में केवल मीडियाकर्मियों को ही बैठने की इजाजत दी गई थी।

डीडीसीए अधिकारी ने साथ ही कहा कि मैच को लेकर अभी तक अनिश्चिता बनी हुई है और यदि यह मुकाबला नहीं होता है तो इससे डीडीसीए को चार से पांच करोड़ रूपए तक का नुकसान हो सकता है। गौरतलब है कि आर्थिक परेशानी से जूझ रहा डीडीसीए पहले ही दिल्ली सरकार के साथ कर विवाद में फंसा हुआ है। विवादित ब्लाक के सामने होर्डिंग नहीं लगाने की अनुमति को लेकर भी आईसीसी ने ङ्क्षचता जताई है। गौरतलब है कि दिल्ली में विश्वकप मैचों की निगरानी के लिए न्यायाधीश मुकुल मुद्गल को अदालत ने नियुक्त किया और कथिततौर ने न्यायाधीश मुद्गल ने भी आईसीसी के होर्डिंग लगाने की अपील को खारिज कर दिया है। एएसआई की ओर से अवैध बताई गई इस इमारत को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद शुक्रवार को डीडीसीए ने इस मामले में हस्तक्षेप के लिए सर्वाेच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने मामले की सुनवाई 28 मार्च तक के लिए टाल दी है।
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