83 साल बाद बना रणजी में ये इतिहास, मुंबई के खिलाफ हैट्रिक लेकर विनय कुमार बने हीरो

83 साल बाद बना रणजी में ये इतिहास, मुंबई के खिलाफ हैट्रिक लेकर विनय कुमार बने हीरो

PRABHANSHU RANJAN | Publish: Dec, 07 2017 07:21:45 PM (IST) क्रिकेट

रणजी क्वार्टरफाइनल में मुंबई के खिलाफ हैट्रिक लेकर विनय कुमार के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हुए।

नई दिल्ली। रणजी में गुरुवार से क्वार्टरफाइनल की दौर शुरू हो चुका है। क्वार्टरफाइनल के पहले ही दिन कर्नाटक के कप्तान विनय कुमार ने 41वीं की चैंपियन मुंबई के खिलाफ हैट्रिक लेते हुए कई नए रिकॉर्ड बनाए। विनय की घातक गेंदबाजी के कारण मुंबई पहली पारी में महज 173 रन पर ढेर हो गई। जिसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी कर्नाटक की टीम ने मजबूत शुरुआत करते हुए मैच पर अपनी पकड़ बना ली है। पहले दिन का खेल खत्म होने तक कर्नाटक पहली पारी में एक विकेट के नुकसान पर 115 रन बना चुकी हैं। क्रीज पर इस सत्र में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले मयंक अग्रवाल (62) और कौनेन अब्बास (12) जमे हुए है। इससे पहले कर्नाटक को पहला झटका शिवम दुबे ने सलामी बल्लेबाज रविकुमार समर्थ (40) पर आउट कर दिया।

विनय की घातक गेंदबाजी
मुंबई और कर्नाटक के इस मैच में टॉस कर्नाटक ने जीता। जिसके बाद कप्तान विनय कुमार ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। विनय ने इस फैसले को सही साबित करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। विनय ने मैच में हैट्रिक सहित 34 रन पर छह विकेट निकाले। उन्होंने पृथ्वी शॉ(02), जय बिस्ता(01) और आकाश पारकर(0) को लगातार तीन गेंदों पर आउट कर हैट्रिक ली। इस अहम नॉकआउट मुकाबले में मुंबई की शुरूआत काफी खराब रही और उसके तीन बल्लेबाज दहाई के आंकड़े में पहुंच सके जिनमें नौंवें नंबर के धवल कुलकर्णी ने साहसिक 75 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। अखिल हेरवदकर ने 32 और सूर्यकुमार यादव ने 14 रन बनाये।

कई रिकॉर्ड भी हुए दर्ज
# 1. विनय कुमार रणजी ट्राफी इतिहास में नॉकआउट चरण में हैट्रिक लेने वाले छठे गेंदबाज बने।

# 2. रणजी ट्रॉफी के 83 सालों के इतिहास में विनय कुमार इकलौते कप्तान बने, जिन्होंने नॉक आउट में हैट्रिक ली हो।

# 3. 24 साल बाद नॉक आउट चरण में ली हैट्रिक, इससे पहले बंगाल के सागरमॉय सेनशर्मा ने साल 1993-94 में दिल्ली के खिलाफ ली थी हैट्रिक।

# 4. रणजी की सबसे सफल टीम मुंबई के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले तीसरे गेंदबाज बने विनय।

# 5. 35 साल बाद मुंबई के खिलाफ किसी गेंदबाज ने हैट्रिक। इससे पहले साल 1981-82 में रघुराम भट ने लिया था हैट्रिक।

# 6. विनय ने मैच में अपना पहला विकेट लेने के साथ ही इरापल्ली प्रसन्ना (370 विकेट) को भी पीछे छोड़ दिया।

# 7. रणजी ट्राफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले कर्नाटक के तीसरे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज भी बन गए, उनसे आगे अब केवल सुनील जोशी(479) और बीएस चंद्रशेखर(437) हैं।

# 8. विनय के नाम अब रणजी ट्राफी में कुल दो हैट्रिक दर्ज हो गयी हैं।

# 9. वह कर्नाटक के अनिल कुंबले के बाद रणजी में हैट्रिक लेने वाले दूसरे गेंदबाज भी हैं।

# 10. विनय के लिए कर्नाटक की ओर से ये 100वां प्रथम श्रेणी मैच था।

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