युवराज ने खोला राज, 2007 टी-20 विश्व कप में रेफरी ने चेक किया था बल्ला

Yuvraj Singh ने बताया कि जब 2007 के टी-20 विश्व कप में उन्होंने एक ओवर में छह छक्के लगाए थे, तक कई लोगों ने उनसे बल्ले की पूछताछ की थी।

By: Mazkoor

Published: 19 Apr 2020, 03:39 PM IST

नई दिल्ली : महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के नेतृत्व में टीम इंडिया ने 2007 में पहला ही टी-20 विश्व कप जीतकर अपना परचम लहराया था। इस विश्व कप में टीम इंडिया की तरफ से युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने शानदार प्रदर्शन किया था और इंग्लैंड के खिलाफ क्रिस ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़ दिए थे। इस मैच में युवराज ने महज 12 गेंद पर अर्धशतक जड़ा था और पूरे मैच में तूफानी पारी खेलते हुए 30 गेंद पर 70 रन बनाए थे। मैच के बाद युवराज के बल्ले पर सवाल उठाए गए थे और रेफरी ने उनके बल्ले की जांच भी की थी।

ऑस्ट्रेलियन कोच आए युवराज के पास

युवराज सिंह ने बताया कि मैच के बाद ऑस्ट्रेलियन कोच उनके पास आए और उन्होंने बल्ले के बारे में पूछा था। युवराज ने एक मीडिया को बताया कि 'ऑस्ट्रेलियन कोच ने पूछा कि उनके बल्ले के पीछे फाइबर लगा है क्या? इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या यह कानूनी है और मैच रेफरी ने इसकी जांच की है? युवराज ने इसके बाद उन्हें ऑफर दिया कि आप खुद ही जांच कर लें। युवराज ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने भी उनके पास आकर यही पूछा था। उन्होंने बताया कि मैच रेफरी ने उनका बल्ला चेक किया था।

युवराज बोले, उनके लिए बेहद खास है वह बल्ला

युवराज सिंह ने कहा कि वह बल्ला उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह पहले कभी ऐसे नहीं खेले थे। उन्होंने बताया कि वह इसी बल्ले से 2011 के विश्व कप में भी उतरे थे। युवराज ने 2011 के विश्व कप में भारत को 28 साल बाद विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे।

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