Yuvraj Singh ने Team Management पर उठाया सवाल- पसंदीदा खिलाड़ियों को देती है मौका, चयनकर्ता निरीह

Yuvraj Singh ने कहा कि चयनकर्ताओं को टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाना चाहिए, लेकिन वह खुद सिर्फ तीन-चार मैच खेले हैं।

By: Mazkoor

Updated: 19 May 2020, 02:23 PM IST

नई दिल्ली : टीम इंडिया (Team India) के पूर्व हरफनमौला युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने टीम मैनेजमेंट (Team Management) पर निशाना साधा है। उन्होंने 2019 विश्व कप में चुनी गई टीम पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम इंडिया मैनेजमेंट पसंदीदा खिलाड़ियों को मौका देता है। चयनकर्ता भी कुछ नहीं कर पाते, क्योंकि वह तो खुद महज चार-पांच मैच खेले है। युवराज ने ये सारी बातें सोशल मीडिया पर लाइव चैट के दौरान ये सारी बातें कही।

Lockdown 4.0 : स्टेडियम खोलने की छूट मिलने के बावजूद BCCI अभी नहीं शुरू करेगा Training Camp

अनुभवहीन और कमजोर मध्यक्रम चुना गया था

युवराज ने टीम मैनेजमेंट पर हमला बोलते हुए कहा कि 2019 विश्व कप में टीम इंडिया का मध्यक्रम काफी कमजोर था। उन्होंने कहा कि मध्यक्रम को लेकर टीम मैनेजमेंट की क्या सोच थी, यह उनकी समझ से बाहर है। युवराज ने कहा कि विश्व कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा रन बना रहे थे, वहीं विजय शंकर, ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी मध्यक्रम में थे। युवराज ने इनका बचाव करते हुए कहा कि इन पर सवाल उठाना गलत है। यह लड़के युवा थे।

अंबाती रायडू को न चुनने पर उठाया सवाल

युवराज ने कहा कि आखिरी वक्त में अंबाती रायडू को टीम से बाहर निकाल दिया गया। किसी खिलाड़ी के साथ आप ऐसा नहीं कर सकते। रायडू विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया के साथ गए थे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में उनका बल्ला नहीं चला। रायडू को एकदिवसीय विश्व कप में इसलिए जगह नहीं मिली, क्योंकि आईपीएल में उन्होंने उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। ऐसे फैसलों के खिलाफ आवाज उठानी जरूरी होता है।

अपनी Biopic में खुद अभिनय करने को तैयार हैं Virat Kohli, साथ में बताई अपनी इच्छा

टी-20 विश्व कप में अनुभवी खिलाड़ियों पर करना चाहिए भरोसा

युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए और उन्हें टीम में रखना चाहिए। युवराज ने यह भी कहा कि जब 2003 विश्व कप में वह खेले थे, तब तक उन्होंने 40-50 मैच खेल लिया था। युवराज ने कहा कि सिर्फ 3-4 मैच खेलने वालों के साथ विश्व कप नहीं खेल सकते। अब टी-20 विश्व कप आने वाला है। इसके लिए भी अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत होगी, न कि पसंदीदा खिलाड़ियों की। चयनकर्ताओं को टीम मैनेजमेंट के ऐसे फैसलों पर सवाल खड़ा करना चाहिए। लेकिन वह क्या बोलेंगे। वह खुद 4-5 मैच खेले होते हैं। उनकी सोच भी वैसी ही है। युवराज ने एक बार फिर टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका कुछ पता नहीं, क्या सोचे। संभव है कि वह यह सोचे कि उसे ये बंदा पसंद है। अच्छे शॉट मारता है। इसे टी-20 विश्व कप में मौका देते हैं।

Show More
Mazkoor Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned