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गेंद के अभाव में नींबू से कैच और थ्रो का अभ्यास करती थी ये क्रिकेटर, अब टीम को बनाया चैंपियन

locationनई दिल्लीPublished: Dec 29, 2023 11:40:17 am

Submitted by:

lokesh verma

Anesu Mushangwe Untold Story: जिम्बाब्वे की क्रिकेटर अनेसु मुशांग्वे ने महिला बिग बैश लीग 2023 सीजन की चैंपियन एडिलेड स्ट्राइकर्स की जीत में अहम भूमिका निभाई है। मुशांग्‍वे का यहां तक का सफर आसान नहीं रहा है। उन्‍होंने एक समय ऐसा भी देखा है, जब उनके पास गेंद तक नहीं थी और वह नींबू से कैच व थ्रो का अभ्यास किया करती थीं।

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Anesu Mushangwe Untold Story: अनेसु मुशांग्वे, जिम्बाब्वे मूल की 27 साल की स्पिन गेंदबाज हैं, जिन्होंने हाल में महिला बिग बैश लीग 2023 सीजन की चैंपियन एडिलेड स्ट्राइकर्स की जीत में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन, मुशांग्वे का जिम्बाब्वे से ऑस्ट्रेलिया तक का सफर आसान नहीं था। एक दौर था जब कागजी कार्रवाई के अभाव में मुशांग्वे का पासपोर्ट नहीं बन पाया था और वे जिम्बाब्वे की अंडर-19 टीम के साथ विदेश दौरे पर जाने से वंचित रह गई थीं। मुशांग्वे गेंद के अभाव में नींबू से कैच व थ्रो का अभ्यास किया करती थीं।

मीडियम पेसर से बनी स्पिनर

मुशांग्वे ने एक इंटरव्यू में बताया कि मैंने बतौर मीडियम पेसर करियर की शुरुआत की थी, लेकिन टीम में जगह नहीं बना पा रही थी। फिर मैंने एक बड़ा निर्णय लिया और स्पिन गेंदबाजी करना शुरू किया। लेग स्पिनर के तौर पर वे जिम्बाब्वे टीम में जगह बनाने में सफल रही और 2019 में नामीबिया के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का रुख किया। एडिलेड के ग्लेनेल्ग क्रिकेट क्लब की टी-20 टीम की कप्तान बनने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

एथलेटिक्स को छोड़ा

मुशांग्वे के परिजन क्रिकेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे, ऐसे में उन्हें एथलेटिक्स में डाल दिया गया, लेकिन इस युवा खिलाड़ी ने एथलेटिक्स छोड़ क्रिकेट को ही अपनाया। उन्‍होंने अब तक खेले कुल 21 टी20 मैच में 33 विकेट चटकाए हैं। वहीं, इसी बिग बैश लीग के सीजन में उन्‍होंने 16 विकेट हासिल किए हैं।

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वीजा मुद्दों के कारण करीब तीन साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहीं

मुशांग्वे वीजा मुद्दों के कारण करीब तीन साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहीं। उन्होंने अप्रेल, 2022 में वापसी की। उसी साल उन्होंने जिम्बाब्वे को नामीबिया व युगांडा के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई। एडिलेड स्ट्राइकर्स से करार करने वाली मुशांग्वे बिग बैश खेलने वाली जिम्बाब्वे की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। 2022 में भले ही उन्हें एक मैच में मौका मिला हो, लेकिन 2023 सत्र में वे अपनी धमाकेदार उपिस्थति दर्ज कराने में सफल रहीं।

कोच ग्राहम सेडुनेरी बने गॉडफादर

ग्लेनेल्ग क्लब के मुख्य कोच ग्राहम सेडुनेरी को मुशांग्वे अपना गॉडफादर मानती हैं। उन्होंने कहा, मैं बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अपना सौ फीसदी नहीं दे पा रही थी, मैंने कोच ग्राहम से कहा कि मुझसे नहीं हो पाएगा। लेकिन उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और मुझे टीम में जगह बनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित करते रहे। उनके बिना यह संभव नहीं था। उनके कारण ही मुझे ऑस्ट्रेलिया में रहने का और क्रिकेट खेलने का मौका मिला। उन्होंने इस पराए देश में मेरे लिए पिता की भूमिका निभाई।

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