Lockdown में बिस्तर पर पड़ी मां के इलाज के लिए खत्म हो गए पैसे, सोते वक्त कर दिया आग के हवाले

  • COVID-19 Lockdown in India के दौरान काम बंद होने से खत्म हो चुके थे पैसे।
  • आग लगाने ( woman set on fire ) के बाद बहनों को बताकर व्यक्ति हो गया फरार।
  • अपनी मां पर मकान बेचने का दबाव डाल रहा था बेटा, खूब शराब पीने लगा था।

हैदराबाद। लॉकडाउन ( COVID-19 Lockdown in India ) के चलते अपनी नौकरी खो चुके निर्माणकार्य से जुड़े एक मजदूर ( labourer ) ने कथितरूप से बिस्तर पर सो रही अपनी बीमार मां ( mother ) पर बुधवार तड़के मिट्टी का तेल डालकर आग ( woman set on fire ) लगा दी। पुलिस के मुताबिक कि हैदराबाद ( Hyderabad ) से 120 किलोमीटर दूर नलगोंडा के नरसिंगबाटला गांव निवासी तिरुमला लिंगास्वामी (45) ने कथित तौर पर अपनी बहनों को बताया कि वह अब उसकी ( मां ) देखभाल करने की स्थिति में नहीं है। घटना के बाद वह मौके से भाग गया और पुलिस ( Police ) उसकी तलाश कर रही है।

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जानकारी के मुताबिक पांच साल पहले बाथरूम में गिरने से टी शांताम्मा (65) के कूल्हे की हड्डी टूट गई थी, तब से उसे बेडरेस्ट (बिस्तर पर ही आराम) करने के लिए कहा गया था। लिंगास्वामी और उनकी तीन बहनों ने अपनी मां की देखभाल के लिए एक देखभाल करने वाले को काम पर रखा था, लेकिन लॉकडाउन के दौरान भुगतान ना किए जाने के चलते उसने हाल ही में काम पर आना बंद कर दिया।

पड़ोसियों ने शांताम्मा को कुछ खाना तो दे दिया लेकिन उसकी मदद करने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि वह अपनी सफाई का ध्यान नहीं रख पा रही थी नलगोंडा ग्रामीण पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर राजेश्वर रेड्डी ने कहा, "उनकी बेटी जो पड़ोस के गांव में रहती है, उसकी साफ-सफाई के लिए हफ्ते में एक बार आती थी और उसे नहला देती थी, नहीं तो बुजुर्ग औरत घर में अकेली थी और उसकी कोई मदद नहीं करता था।"

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लॉकडाउन की घोषणा के बाद लिंगास्वामी कुछ दिनों तक एक निर्माण स्थल पर रहा, लेकिन कुछ दिनों के बाद गांव पहुंचने में कामयाब हो गया। घर पहुंचकर उसने देखा कि लॉकडाउन के कारण न तो देखभाल करने वाले और न ही उनकी बहनें अपनी मां के घर आ पाईं।

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सूत्रों के अनुसार बिस्तर पर पड़ी अपनी बीमार मां को देख ना पाने और किसी अन्य देखभालकर्ता को नियुक्त करने में असमर्थ लिंगास्वामी अप्रैल के पहले सप्ताह में हैदराबाद लौटा और जिम्मेदारी से बचने के लिए अपनी बहनों से सभी संपर्क बंद कर दिए।

पुलिस ने कहा कि तेलंगाना सरकार द्वारा 5 मई को प्रतिबंधों में ढील देने के बाद लिंगास्वामी ने गांव में वापसी की और देखभाल करने वाले को मनाने की कोशिश की, जिसने काम पर आने से इनकार कर दिया।

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तीन बहनों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने कहा कि लिंगास्वामी वित्तीय संकट से निपटने के लिए शांतम्मा पर घर बेचने का दबाव डाल रहा था। उनकी बहनों ने बताया कि उनके पास पैसे नहीं थे क्योंकि सभी पैसे लॉकडाउन के दौरान खर्च हो गए थे। उसने अपनी बहनों पर दबाव डाला कि वे अपनी मां को घर बेचने के लिए कहें।

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एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनकी बहनों ने कहा कि शायद अपनी देखभाल करने में असमर्थ मां और उसके घर बेचने से मना करने से वह इस अपराध को अंजाम देने के लिए आगे बढ़ा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह अपनी मां की देखभाल के लिए पैसे का उपयोग करना चाहता था या किसी अन्य काम के लिए।

एक अधिकारी ने कहा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसकी वैवाहिक समस्याओं के कारण तो उसने यह कदम नहीं उठाया क्योंकि उसकी पत्नी ने हाल ही में अपने दो साल के बच्चे के साथ उसे छोड़ दिया। उसकी बहनों का दावा है कि लॉकडाउन के दौरान वह शराब का बहुत सेवन कर रहा था।

अमित कुमार बाजपेयी
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