आसाराम केस: देश में पॉक्सो एक्ट लागू होने के बाद पहली बार दी गई उम्र कैद की सजा

पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत यौन अपराध, यौन छेड़छाड़ व अश्लील चित्र या वीडियो बनाने के अपराधों को लेकर सख्त कानून बनाया गया है।

By: Mohit sharma

Published: 25 Apr 2018, 03:41 PM IST

नई दिल्ली। नाबालिग रेप केस में जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को उम्र कैद की सजा सुनाई है। जबकि दो अन्य अपराधियों शिल्पी व शरदचंद्र को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि पॉक्सों एक्ट के अंतर्गत देश में पहली बार उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने आसाराम की उन सभी दलीलों को ठुकरा दिया है, जो उसने अपने बचाव में दी थीं। बताया जा रहा है कि कोर्ट का फैसला आते ही आसाराम रो पड़े।

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क्या है पॉक्सो एक्ट

पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत यौन अपराध, यौन छेड़छाड़ व अश्लील चित्र या वीडियो बनाने के अपराधों को लेकर सख्त कानून बनाया गया है। इस एक्ट में निहित कुछ धाराओं के अंतर्गत उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। एक्ट में विशेष नए संशोधन के अंतर्गत अपराध की एफआईआर के बाद आरोपी को अपने बचाव में दलील व सबूत पेश करने का पूरा मौका दिया जाता है। एक्ट की सबसे अनोखी बात यह है कि इसमे बच्चे की ओर से अपराध का सिर्फ आरोप लगाना ही पर्याप्त है। कानून में पीड़ित को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाती है।

आखिर क्यों नहीं मौत की सजा

पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत आसाराम को मिली उम्र कैद की सजा के साथ ही तमाम सवाल खड़े होने लगे हैं। हाल ही में केन्द्र सरकार के पॉक्सो एक्ट संशोधन 2018 अध्यादेश लाई है। जिसके अंतर्गत 12 साल से कम उम्र की बच्ची से बलात्कार पर फांसी की सजा का प्रावधान किया है और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उस पर अपनी मंजूरी दे दी है। आसाराम को इसके तहत पहली बार उम्र कैद की सजा दी गई है। हालांकि जानकारों की मानें तो नए अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह पूर्ण रूप से कानून का रूप लेगा, जो अभी शेष है।

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